
Rajkumar Dhiman, Dehradun: दीपावली के त्योहार पर पटाखों की बढ़ती बिक्री के बीच कर चोरी की आशंका को देखते हुए राज्य कर विभाग ने पटाखा कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयुक्त कर उत्तराखंड प्रतीक जैन के निर्देश पर विभाग की अलग-अलग टीमों ने देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में पटाखा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर जांच एवं सर्वे की कार्रवाई की। इस दौरान छह फर्मों से 92 लाख रुपये जमा कराए गए। विभाग की इस कार्रवाई को त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री से मिलने वाले राजस्व की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आयुक्त कर के निर्देश पर राज्य कर देहरादून के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार ने अलग-अलग टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने पटाखा कारोबार से जुड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खरीद-बिक्री, स्टॉक और अन्य व्यावसायिक दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच में कारोबार से संबंधित अभिलेखों का मिलान किया गया। कार्रवाई के दौरान कुल छह फर्मों से 92 लाख रुपये जमा कराए गए। हालांकि, विभाग की ओर से संबंधित फर्मों के नाम और जमा कराई गई धनराशि का अलग-अलग ब्योरा जारी नहीं किया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में पटाखों की बिक्री का कारोबार बढ़ जाता है। ऐसे में खरीद-बिक्री और स्टॉक का सही ब्योरा दर्ज होना जरूरी है। इसी को देखते हुए यह अभियान चलाया गया, ताकि पटाखों की बिक्री से मिलने वाले कर राजस्व का संरक्षण किया जा सके। विभाग की टीमें कारोबारियों के अभिलेखों का सत्यापन कर रही हैं।
कार्रवाई उप आयुक्त सुरेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक आयुक्त टीका राम चन्याल, कृष्ण कुमार, चंचल सिंह चौहान और अलीशा बिष्ट शामिल रहे। इसके अलावा राज्य कर अधिकारी कंचन थापा, यतीश सेमवाल, रामलाल जोशी, भूपेंद्र जंगपांगी, वीरेंद्र सिंह रावत, सुनील चंदोला और अनुज जैन सहित अन्य अधिकारी भी कार्रवाई में शामिल रहे।



