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उत्तराखंड में टैक्स चोरी कराने के आरोप में जीएसटी के तीन अफसर सस्पेंड, कई चल रहे रडार पर

देहरादून। उत्तराखंड में जीएसटी चोरी कराने के आरोप में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार तीन अफसरों को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। तीनों अफसर पर लाखों रुपये की टैक्स चोरी कराने में संदिग्ध भूमिका सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में मामला आने पर जांच के बाद यह कार्रवाई हुई है। इससे टैक्स चोरी कराने वाले कुछ अन्य अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। यदि जांच आगे भी इसी तरह जारी रही तो कई रडार पर आ जाएंगे।
सस्पेंड नम्बर-01
संयुक्त आयुक्त वीपी सिंह
दिनांक 09.07.2023 को स्थानीय प्रशासन एवं राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन, देहरादून में रेलवे के माध्यम से लाये जा रहे माल के सम्बन्ध में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से लाये जा रहे 70 नग / माल को कब्जे में लेते हुये अग्रिम कार्यवाही की गयी। उक्त 70 नग / माल के भौतिक सत्यापन के उपरान्त 63 नग कर योग्य माल बिना बीजक / अवैध बीजक / अवैध प्रपत्रों के पाये गये, जिनका मूल्य रू0 65,29,126.00 आंकलित किया गया है। उक्त के दृष्टिगत् राज्य कर विभाग को राजस्व क्षति हुई है। राज्य कर मुख्यालय द्वारा रेलवे के माध्यम से परिवहित माल के सम्बन्ध में करापवंचन रोकने विषयक समय-समय पर निर्गत् निर्देशों के क्रम में प्रभावी कार्यवाही न किये जाने से यह परिलक्षित होता है कि संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा./ प्रवर्तन) से सम्बन्धित संवेदनशील प्रकृति के कार्य में श्री वी. पी. सिंह, संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा. / प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून द्वारा मुख्यालय स्तर से निर्गत निर्देशों का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अतः श्री वी. पी. सिंह, संयुक्त आयुक्त (वि.अनु. शा. / प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के सम्बन्ध में आयुक्त राज्य कर उत्तराखण्ड के पत्रांक -2406 / आयु०रा०क० उत्तरा० / स्था०अनु0 / 2023-24 / देहरादून दिनांक 18 जुलाई 2023 द्वारा किये गये प्रस्ताव / संस्तुति तथा उपलब्ध कराये गये समस्त तथ्यों के आधार पर श्री वी. पी. सिंह, संयुक्त आयुक्त (विअनुशा / प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून के विरूद्ध लगे आरोपों की गम्भीरता के दृष्टिगत् अनुशासनिक कार्यवाही / जांच की जानी प्रस्तावित है। अतः इनको एतद्द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में श्री वी. पी. सिंह, संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा. / प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2 भाग 2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि, अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर मंहगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन की दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिये उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं। उपरान्त 63 नग कर योग्य माल बिना बीजक / अवैध बीजक / अवैध प्रपत्रों के पाये गये, जिनका मूल्य रू0 65,29,126.00 आंकलित किया गया है। उक्त के दृष्टिगत् राज्य कर विभाग को राजस्व क्षति हुई है।
सस्पेंड नम्बर-02
कुलदीप सिंह सहायक आयुक्त
राज्य कर मुख्यालय द्वारा रेलवे के माध्यम से परिवहित माल के सम्बन्ध में करापवंचन रोकने विषयक समय-समय पर निर्गत् निर्देशों के क्रम में प्रभावी कार्यवाही न किये जाने से यह परिलक्षित होता है कि सहायक आयुक्त, प्रभारी सचलदल इकाई, राज्य कर से सम्बन्धित संवेदनशील प्रकृति के कार्य में डॉ० कुलदीप सिंह, सहायक आयुक्त, प्रभारी सचलदल इकाई, राज्य कर, आशारोड़ी, देहरादून द्वारा मुख्यालय स्तर से निर्गत निर्देशों का कोई संज्ञान नहीं लिया गया । अतः डॉ० कुलदीप सिंह, सहायक आयुक्त, प्रभारी सचलदल इकाई, राज्य कर आशारोड़ी, देहरादून के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के सम्बन्ध में आयुक्त राज्य कर, उत्तराखण्ड के पत्रांक – 2406 / आयु०रा०क० उत्तरा० / स्था०अनु० / 2023-24 / देहरादून दिनांक 18 जुलाई, 2023 द्वारा किये गये प्रस्ताव / संस्तुति तथा उपलब्ध कराये गये समस्त तथ्यों के आधार पर डॉ० कुलदीप सिंह, सहायक आयुक्त, प्रभारी सचलदल इकाई, राज्य कर आशारोडी, देहरादून के विरुद्ध लगे आरोपों की गम्भीरता के दृष्टिगत् अनुशासनिक कार्यवाही / जांच की जानी प्रस्तावित है। अतः इनको एतद्द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में डॉ० कुलदीप सिंह, सहायक आयुक्त, प्रभारी सचलदल इकाई, राज्य कर, आशारोडी, देहरादून को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग, 2 से 4 क मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि, अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ महगाई भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त नहीं था । निलम्बन की दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, कि जब इसका समाधान हो जाय कि उनके स्थानीय प्रशासन एवं राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम द्वारा रेलवे स्टेशन, देहरादून में रेलवे के माध्यम से लाये जा रहे माल के सम्बन्ध में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से लाये जा रहे 70 नग / माल को कब्जे में लेते हुये अग्रिम कार्यवाही की गयी। उक्त 70 नग / माल के भौतिक सत्यापन के उपरान्त 63 नग कर योग्य माल बिना बीजक / अवैध बीजक / अवैध प्रपत्रों के पाये गये, जिनका मूल्य रू0 65,29,126.00 आंकलित किया गया है। उक्त के दृष्टिगत् राज्य कर विभाग को राजस्व क्षति हुई है।
सस्पेंड नम्बर-03
यशपाल सिंह उपायुक्त
राज्य कर मुख्यालय द्वारा रेलवे के माध्यम से परिवहित माल के सम्बन्ध में करापवंचन रोकने विषयक समय-समय पर निर्गत् निर्देशों के कम में प्रभावी कार्यवाही न किये जाने से यह परिलक्षित होता है कि उपायुक्त (वि.अनु.शा. / प्रवर्तन) से सम्बन्धित संवेदनशील प्रकृति के कार्य में यशपाल सिंह, उपायुक्त (वि.अनु.शा./ प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून द्वारा मुख्यालय स्तर से निर्गत निर्देशों का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। अतः यशपाल सिंह, उपायुक्त (वि.अनु.शा. / प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के सम्बन्ध में आयुक्त राज्य कर उत्तराखण्ड के पत्रांक -2406 / आयु०रा०क० उत्तरा० / स्था०अनु0 / 2023-24 / देहरादून दिनांक 18 जुलाई, 2023 द्वारा किये गये प्रस्ताव / संस्तुति तथा उपलब्ध कराये गये समस्त तथ्यों के आधार पर सिंह, उपायुक्त (वि.अनु.शा./ प्रवर्तन) राज्य कर, देहरादून के विरूद्ध लगे आरोपों की गम्भीरता के दृष्टिगत अनुशासनिक कार्यवाही / जांच की जानी प्रस्तावित है। अतः इनको एतद्द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में श्री यशपाल सिंह, उपायुक्त (वि. अनु. शा. / प्रवर्तन) राज्य कर देहरादून को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2 भाग 2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन की दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, कि जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिये उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं। उपरोक्त प्रस्तर-02 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब कि यशपाल सिंह इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति, व्यवसाय में नहीं लगे हैं। निलम्बन काल में श्री यशपाल सिंह को संयुक्त आयुक्त, देहरादून संभाग देहरादून के कार्यालय में सम्बद्ध किया जाता है। अपचारी अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही हेतु आरोप-पत्र पृथक से निर्गत् किया

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