DehradunUttarakhand

अवैध नहीं, अब सुनो वैध खनन की खन-खन, विभाग ने तोड़े राजस्व के सारे रिकॉर्ड, लक्ष्य से पहले 965 करोड़ की कमाई

वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक खनन से राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 1100 करोड़ को पार करने का है अनुमान

Rajkumar Dhiman, Dehradun: अवैध खनन में काली कमाई की खन-खन के किस्से तो आपने खूब सुने होंगे और सिस्टम को कोसा भी होगा। यह पहली बार है, जब खनन की खन-खन कानों को करकस नहीं लग रही। क्योंकि, यहां बात वैध खनन से राज्य की झोली भरने की है। उत्तराखंड के खनन विभाग ने राजस्व प्राप्ति के मामले में नया इतिहास रचते हुए अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए वित्त विभाग द्वारा निर्धारित 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले खनन विभाग ने फरवरी 2026 तक ही 965 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर लिया है।

इस तरह विभाग ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही तय लक्ष्य को पार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा रफ्तार को देखते हुए वित्तीय वर्ष के अंत तक यह राजस्व लगभग 1100 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह उपलब्धि राज्य में खनन प्रबंधन में हुए सुधारों और तकनीकी निगरानी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024–25 में भी खनन विभाग ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। उस वर्ष विभाग को 875 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले विभाग ने 1041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। यह उस समय तक का सर्वाधिक राजस्व था, जिसे अब चालू वित्तीय वर्ष में और बेहतर किया जा रहा है।

खनन विभाग की इस उपलब्धि में दो प्रमुख डिजिटल परियोजनाओं की अहम भूमिका रही है। विभाग द्वारा शुरू किए गए MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर जैसे आधुनिक सिस्टमों ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। इन तकनीकी उपायों के कारण न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी पिछले वर्षों की तुलना में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इन नवाचारों और प्रभावी प्रबंधन को देखते हुए खनन विभाग की दोनों परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड 2025 (Skoch Award) के लिए भी चुना गया है।

यह उपलब्धि उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र में तकनीक आधारित सुधारों और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रमाण मानी जा रही है।राज्य सरकार का कहना है कि आगे भी अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और तकनीकी निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, जिससे राजस्व में लगातार वृद्धि के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button