वीडियो: टिहरी झील में उठा तूफान, फ्लोटिंग हटमेंट हुए तबाह, 30 लोग फंसे
एसडीआरएफ के जवानों ने जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को किया रेस्क्यू

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: टिहरी झील में बीती रात कुदरत का भयंकर रौद्र रूप देखने को मिला। डोबरा-चांठी क्षेत्र में बीच झील में स्थित फ्लोटिंग हटमेंट पलभर में तबाह हो गए। तेज आंधी और तूफान के बीच चीख-पुकार मच गई, लेकिन इसी अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच SDRF टीम उम्मीद बनकर सामने आई।
आपदा कंट्रोल रूम, टिहरी गढ़वाल को सूचना मिली कि डोबरा-चांठी क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान ने झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट को तहस-नहस कर दिया है। कई पर्यटकों के झील के बीच फंसे होने की आशंका जताई गई।
तूफान में उतरी रेस्क्यू टीम
सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट कोटी कॉलोनी से सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम तुरंत रवाना हुई। हालात बेहद खराब थे—तेज हवाएं, उफनती झील और अंधेरा। लेकिन टीम ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला।
हटमेंट बह गए, जान पर बन आई
मौके पर पहुंचते ही टीम ने देखा कि फ्लोटिंग हटमेंट तूफान की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे और कई लोग उनमें फंसे हुए थे। पानी का बहाव और हवा की रफ्तार किसी भी बड़े हादसे का संकेत दे रही थी।
30 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींचा
SDRF ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक-एक कर करीब 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पर्यटन विभाग की बोट की मदद से सभी को सुरक्षित कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।
बड़ी त्रासदी टली
अगर SDRF टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो यह हादसा बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। टीम की सतर्कता और बहादुरी ने कई परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।
प्रशासन अलर्ट, मौसम पर नजर
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और क्षेत्र में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



