पत्नी का गला दबाया और गढ़ दी फांसी लगाने की कहानी, पति दोषी और 09 को तय होगी सजा
नैनीताल में कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में पति दोषी दिया करार, आत्महत्या का झूठ नहीं चला

Amit Bhatt, Dehradun: नैनीताल की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति दीप शर्मा को दोषी ठहराया है। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। मामले में सजा का ऐलान 9 जुलाई को किया जाएगा।
यह मामला 2 फरवरी 2021 का है। अभियोजन के अनुसार, मृतका अंशु शर्मा के भाई नीरज पलड़िया ने मल्लीताल थाने में बहन की संदिग्ध मौत की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अंशु की शादी 28 फरवरी 2017 को अयारपाटा, मल्लीताल निवासी दीप शर्मा से हुई थी।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि विवाह के बाद से ही दीप शर्मा और उसके परिवार के लोग अंशु को कम दहेज लाने को लेकर प्रताड़ित करते थे। उस पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। दंपति की एक दो वर्षीय बेटी भी है।
मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम सिंह रौतेला ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। आरोपों को साबित करने के लिए अदालत में 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
अभियोजन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि अंशु के शरीर पर मौत से पहले लगी छह चोटों के निशान पाए गए थे। चिकित्सकीय साक्ष्यों के अनुसार 2 फरवरी 2021 को दोपहर करीब 12:30 बजे गला दबाने से दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई थी, जबकि इसे फांसी का मामला नहीं माना गया।
अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद दीप शर्मा को दोषी करार दिया। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के समय आरोपी घर पर मौजूद था, लेकिन उसने न तो पत्नी को अस्पताल पहुंचाया, न पुलिस या उसके मायके वालों को सूचना दी। इसके अलावा घटना के बाद वह लंबे समय तक फरार भी रहा, जिसे अदालत ने भी महत्वपूर्ण परिस्थिति माना। अब अदालत इस मामले में 9 जुलाई को दोषी दीप शर्मा की सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगी।



