
Amit Bhatt, Dehradun: रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने देहरादून की एक महिला से 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने महज 25 हजार रुपये के निवेश पर 2.50 लाख रुपये तक कमाने का दावा किया। शुरुआती रकम वापस कर विश्वास जीतने के बाद आरोपितों ने अलग-अलग बहानों से लगातार निवेश करवाया और अंततः महिला की जीवनभर की जमा-पूंजी हड़प ली। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर उद्योगपतियों की तस्वीरें दिखाकर फंसाया
शिकायतकर्ता अंजना सिंह ने पुलिस को बताया कि वह गृहिणी हैं, जबकि उनके पति विदेश में नौकरी करते हैं। 13 जनवरी 2026 को उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें देश के बड़े उद्योगपतियों और प्रसिद्ध हस्तियों के नाम व तस्वीरों का इस्तेमाल कर दावा किया गया था कि सिर्फ 25 हजार रुपये निवेश कर घर बैठे 2.50 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है।
विज्ञापन के जरिए उन्होंने सवेक्सा नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना खाता बनाया। खाता बनते ही उन्हें अलग-अलग लोगों के लगातार फोन आने लगे और बाद में उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया, जहां निवेश के लिए बैंक खातों की जानकारी भेजी जाती थी।
पहले दिलाया भरोसा, फिर बढ़वाते गए निवेश
महिला ने बताया कि सबसे पहले खुद को अकाउंट मैनेजर बताने वाले फैजल नामक व्यक्ति ने उन्हें 25 हजार रुपये निवेश करने के लिए कहा। इसके बाद दोबारा 25 हजार रुपये और जमा कराए गए। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने 1,900 रुपये की निकासी भी कराई, जो पांच-छह दिन बाद उनके बैंक खाते में पहुंच गई। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया।
स्वेप चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर ऐंठी रकम
कुछ समय बाद उनका अकाउंट मैनेजर बदलकर जैन नामक व्यक्ति हो गया। उसने अधिक मुनाफे का लालच देकर करीब तीन लाख रुपये तक निवेश कराया। हालांकि खाते में लाभ दिखाई देता रहा, लेकिन निकासी की अनुमति नहीं दी गई।
इसके बाद जैन ने बताया कि खाते पर स्वेप चार्ज लग रहे हैं और उनसे बचने के लिए अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। उसके कहने पर महिला ने पहले पांच लाख रुपये और फिर अलग-अलग किस्तों में अन्य रकम भी जमा कर दी।
तीसरे मैनेजर ने भी किया गुमराह
बाद में अकाउंट मैनेजर बदलकर तैमूर नामक व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई। उसने महिला को भरोसा दिलाया कि उनकी पूरी निवेशित रकम वापस मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए और पैसा जमा करना होगा। इसी तरह झूठे मुनाफे, फर्जी शुल्क, स्वेप चार्ज, अकाउंट अपग्रेड, सेटलमेंट और वेरिफिकेशन के नाम पर लगातार रकम जमा कराई जाती रही।
आखिरकार महिला से कुल 25 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपितों ने और पैसे जमा करने का दबाव बनाया तथा निवेश की गई रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।
80 वर्षीय बुजुर्ग से 1.70 लाख रुपये की ठगी
देहरादून में साइबर ठगी का एक अन्य मामला भी सामने आया है। अजबपुर खुर्द निवासी 80 वर्षीय ईश मोहन ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन से जुड़ा एक संदेश आया। उन्होंने लॉगिन करने का प्रयास किया तो तुरंत एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताया।
आरोपित ने मदद के नाम पर एक ऑनलाइन फॉर्म भेजा और उसे भरकर वापस भेजने को कहा। इसके बाद रात में उनके बैंक खाते से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीएनबी रिटायर पेंशन कार्ड के नाम पर 1.75 लाख की ठगी
वसंत विहार निवासी कांतिराम जोशी भी साइबर ठगों के शिकार हो गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक मुख्यालय, दिल्ली से किशोर मलिक बताया।
आरोपित ने पीएनबी रिटायर पेंशन कार्ड जारी करने के नाम पर उनसे बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर ली और उनके खाते से 1.75 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में वसंत विहार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



