दून अस्पताल में बच्चों के वार्ड में आधी रात आग से मची अफरा-तफरी, 24 मासूमों को मिनटों में कराया सुरक्षित शिफ्ट
पुलिस पहुंची, अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकरी रहे नदारद

Rajkumar Dhiman, Dehradun: दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की आयुष्मान विंग स्थित पीडियाट्रिक (बच्चों) वार्ड में बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे अचानक एग्जास्ट फैन में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते वार्ड में धुआं फैल गया और भर्ती बच्चों के तीमारदारों में हड़कंप मच गया। हालांकि नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। वार्ड में भर्ती सभी 24 बच्चों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे वार्ड में पहुंचा दिया गया।
एग्जास्ट फैन उठा धुआं और फिर आग की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले एग्जास्ट फैन से धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही क्षण में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। धुआं तेजी से पूरे वार्ड में फैलने लगा, जिससे बच्चों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग अधिकारी साक्षी और हिमानी तुरंत सक्रिय हो गईं। वार्ड ब्वाय सत्येंद्र ने बिना समय गंवाए अन्य नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। इसके बाद पूरे स्टाफ ने समन्वय के साथ बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू कर दिया।
डेंगू वार्ड में किया गया सभी बच्चों का स्थानांतरण
धुएं से भरे वार्ड में मरीजों को रखना जोखिम भरा था। ऐसे में भर्ती सभी 24 बच्चों को तत्काल अस्पताल के निचले तल पर स्थित डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहां चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में उनका उपचार जारी रखा गया। आग पूरी तरह बुझने और वार्ड से धुआं साफ होने के बाद देर रात सभी बच्चों को दोबारा पीडियाट्रिक वार्ड में वापस भेज दिया गया।
पुलिस पहुंची, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही दून अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों के घटनास्थल पर न पहुंचने को लेकर सवाल उठने लगे। अस्पताल की आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और सूचना तंत्र पर भी चर्चा शुरू हो गई। इससे पहले अस्पताल के महिला शौचालय में वीडियो बनाने की घटना के दौरान भी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक सूचना नहीं पहुंचने का मामला सामने आया था।
अग्निशमन यंत्र से बुझाई गई आग, कोई हताहत नहीं
दून अस्पताल चौकी प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड के एग्जास्ट फैन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पा लिया और सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह सामान्य कर ली गई। घटना में किसी बच्चे, तीमारदार या अस्पताल कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
स्टाफ की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने इस घटना को बड़े हादसे में बदलने से बचा लिया, लेकिन अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौके पर अनुपस्थिति ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए।



