
Round The Watch News: प्रेमनगर के केहरी गांव में देर रात हुए जानलेवा हमले का मामला अब पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवालों के घेरे में आ गया है। जिस घटना में भाजपा नेता नवीन कुमार गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मेडिकल रिपोर्ट में सिर में दो जगह फ्रैक्चर सामने आया है, उसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से नवीन कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। वहीं, गंभीर घायल भाजपा नेता के भतीजे सुमित कुमार की ओर से 4 सितंबर को दी गई तहरीर पर अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने हमले के आरोपितों पर कार्रवाई करने के बजाय नवीन कुमार के भाई सुशील कुमार और भतीजे सुमित कुमार को थाने में बैठा लिया।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि घटना के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो उपलब्ध होने की बात भी तहरीर में कही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब एक पक्ष गंभीर चोटों के साथ अस्पताल पहुंचा, मेडिकल रिपोर्ट में सिर में फ्रैक्चर सामने आया और पुलिस के पास घटना से जुड़े वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, तो कार्रवाई का पहला रुख किस आधार पर तय किया गया?
गाली देने से शुरू हुआ विवाद, फिर 15-20 लोगों के साथ हमले का आरोप
पीड़ित पक्ष की ओर से प्रेमनगर थाने में दी गई तहरीर के अनुसार घटना 3 सितंबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच की है। सुमित कुमार रात का खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में रितिक पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह, निवासी केहरी गांव शराब के नशे में खड़ा था और उसने सुमित के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
सुमित ने इसका विरोध किया तो रितिक के साथ उसकी हाथापाई हो गई। तहरीर के अनुसार इसके बाद रितिक वहां से चला गया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।करीब पांच से 10 मिनट बाद रितिक 15 से 20 लोगों को साथ लेकर वापस आया। आरोप है कि उनके हाथों में बेसबाल के डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे। इसके बाद सुमित पर हमला कर दिया गया। तहरीर में आरोप है कि उसे जमीन पर गिराकर डंडों और लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा गया।
भतीजे को बचाने पहुंचे भाजपा नेता, सिर पर किए वार
सुमित को पिटता देख उसके चाचा नवीन कुमार पुत्र स्वर्गीय रामस्वरूप बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी घेर लिया और सिर व माथे पर जान से मारने की नीयत से गंभीर वार किए। यही वह हिस्सा है, जिसने अब पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जिस व्यक्ति को बचाव में आने पर गंभीर चोटें लगीं, उसी नवीन कुमार के खिलाफ दूसरे पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि उनके पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई नहीं हुई।
मेडिकल रिपोर्ट में दो जगह फ्रैक्चर
घटना के बाद 112 पर सूचना दी गई। घायल पक्ष को पहले प्रेमनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने दून मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद राजीव कुमार अपनी कार से उन्हें दून मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। तहरीर के साथ संलग्न दून मेडिकल कॉलेज की मेडिकल रिपोर्ट में नवीन कुमार की चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट के साथ सीटी स्कैन और एक्स-रे में सिर में दो स्थानों पर फ्रैक्चर बताए गए हैं। रिपोर्ट में उनकी स्थिति गंभीर होने और जान को खतरा होने की आशंका भी दर्ज है।
पीड़ित की तहरीर में हमले की वजह भी स्पष्ट
सुमित की तहरीर में हमले की शुरुआत का कारण भी स्पष्ट रूप से बताया गया है। इसके अनुसार शराब के नशे में गाली-गलौज करने से रोकने पर पहले विवाद और हाथापाई हुई, इसके बाद रितिक कुछ ही मिनट में 15-20 लोगों को लेकर वापस आया और हमला किया। यानी पीड़ित पक्ष के मुताबिक हमला अचानक हुई मामूली कहासुनी का परिणाम नहीं था, बल्कि पहले विवाद और फिर कथित रूप से लोगों को जुटाकर किए गए हमले का मामला है।
12 लोगों के विरुद्ध है तहरीर
सुमित की शिकायत में हमले के लिए उत्तरदाई 12 लोगों का उल्लेख किया गया है। जिनमें रितिक, गुलाब सिंह, मनोज कुमार, सुनील कुमार, पुष्कर पुत्र स्वर्गीय अंतर सिंह, वर्धन पुत्र गुलाब सिंह, श्रेय पुत्र मनोज कुमार, मंजू पत्नी सुनील कुमार, सुमन पत्नी गुलाब सिंह, सविता पत्नी मनोज कुमार, मानसी और हरस पुत्रीगण गुलाब सिंह के नाम शामिल हैं। पीड़ित पक्ष ने इन लोगों को हमले में शामिल बताते हुए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो उपलब्ध होने की बात कही है। मेडिकल रिपोर्ट भी तहरीर के साथ लगाई गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल, घायल पर मुकदमा, तहरीर देने वाले पर कार्रवाई क्यों नहीं?
मामले में सबसे गंभीर सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक सुमित खुद अपनी तहरीर लेकर प्रेमनगर थाने पहुंचा था, लेकिन उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसके और उसके चाचा नवीन कुमार के भाई सुशील कुमार को थाने में बैठा लिया गया। दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष का दावा है कि गंभीर रूप से घायल भाजपा नेता नवीन कुमार के खिलाफ दूसरे पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इससे परिवार में नाराजगी है और पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।



