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पेपर लीक में प्रोफेसर बर्खास्त, अब होगी एफआईआर, दो परीक्षाएं पहले ही हो चुकी हैं निरस्त

उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे प्रश्न, सरकार सख्त

Rajkumar Dhiman, Dehradun: वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के पेपर लीक प्रकरण में कार्रवाई और सख्त हो गई है। विश्वविद्यालय की जांच में दोषी पाए गए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को कॉलेज प्रशासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, विश्वविद्यालय अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। इसके लिए विधिक राय ली जा रही है।

शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आते ही संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनका इंक्रीमेंट भी रोक दिया गया था। संस्थान और विश्वविद्यालय की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यूटीयू की कुलपति डा. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आशीष कुमार गुप्ता को विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से सात वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया जा चुका है। अब मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध हर स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जांच में खुला था पेपर लीक का मामला
विश्वविद्यालय के अनुसार, सम सेमेस्टर 2025-26 की Machine Learning for Internet of Things (Subject Code: IOTT004) परीक्षा से पहले शिकायत मिली थी कि प्रश्न छात्रों तक पहले ही पहुंच गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कुलपति के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई, जबकि शिवालिक कॉलेज ने भी अपनी आंतरिक जांच कराई।

दोनों जांचों में सामने आया कि उक्त विषय के External Paper Setter रहे आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से ऐसे प्रश्न साझा किए, जो वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि Electromagnetic Field Theory (Subject Code: ECT043) का प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक ने तैयार किया था। ऐसे में दूसरे प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दीं।

अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी पुनर्परीक्षा
परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता, पारदर्शिता और डिग्री की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थीं। अब अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। विस्तृत डेटशीट और परीक्षा केंद्रों की सूची विश्वविद्यालय अलग से जारी करेगा। सभी संबद्ध संस्थानों को प्रभावित छात्रों तक यह सूचना तत्काल पहुंचाने और अधिसूचना अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कॉलेज को भी दी गई चेतावनी
विश्वविद्यालय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि संस्थान स्तर पर परीक्षा संबंधी गोपनीयता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराए जाने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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