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उत्तराखंड में नौकरी और लोन के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर करते थे साइबर ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

OLX फ्रॉड समेत कई साइबर अपराधों में इस्तेमाल होते थे फर्जी बैंक खाते, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े आरोपियों को आशारोड़ी चेकपोस्ट से दबोचा

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपित नौकरी और आसान लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हीं खातों का इस्तेमाल OLX फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर वित्तीय अपराधों में करते थे।

STF के अनुसार, कार्रवाई I4C के NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर शिकायतों के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर की गई। जांच के दौरान इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध खाते से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह का खुलासा हुआ।

आशारोड़ी चेकपोस्ट से दबोचे गए आरोपी

तकनीकी इनपुट मिलने के बाद STF की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट ने आशारोड़ी चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर राजस्थान नंबर की स्कॉर्पियो (RJ14U0140) को रोककर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान राजस्थान के डींग निवासी राहुल मोहम्मद और गोरखपुर निवासी (हाल निवासी लखनऊ) शिवांश उपाध्याय के रूप में हुई है।

Facebook-Instagram पर विज्ञापन देकर फंसाते थे लोग

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे Facebook और Instagram पर निजी कंपनियों में नौकरी और आसान लोन दिलाने के आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। इच्छुक लोगों से WhatsApp पर संपर्क कर उनके नाम से ऑनलाइन इंडसइंड बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जबकि मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग और खाते का पूरा नियंत्रण आरोपी अपने पास रखते थे।

बैंक किट और एटीएम कार्ड डाक के जरिए प्राप्त कर इन खातों का उपयोग OLX पर फर्जी वाहन और अन्य सामान बेचने के नाम पर लोगों से ठगी की रकम प्राप्त करने तथा अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था।

बरामद हुए मोबाइल, बैंक किट और नकदी

STF ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन (Samsung, iPhone, Lava और Redmi), पांच इंडसइंड बैंक किट (ATM कार्ड और चेकबुक सहित), एक आधार कार्ड, 15 हजार रुपये नकद तथा साइबर अपराध से जुड़े कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद किए हैं।

पहले भी जेल जा चुका है एक आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राहुल मोहम्मद वर्ष 2024 में राजस्थान में साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में जेल जा चुका है। गिरोह का एक अन्य सदस्य OLX पर फर्जी सौदों के जरिए लोगों को ठगता था, जबकि गिरफ्तार आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। STF अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

STF की अपील

STF ने नागरिकों से अपील की है कि OLX या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-बिक्री करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें। एडवांस भुगतान से पहले विक्रेता या खरीदार की पूरी जांच करें। नौकरी या लोन के नाम पर किसी के कहने पर बैंक खाता न खुलवाएं और न ही अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल नंबर किसी अन्य को दें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

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