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पूर्व सीएम हरीश रावत से ईडी ने की पूछताछ, भर्ती परीक्षा में घिरे पूर्व ओएसडी से जुड़ा है मामला

मां जगदंबा का स्मरण कर पहुंचे ईडी कार्यालय, दर्ज कराए बयान, राजनितिक गलियारों में हलचल तेज

Rajkumar Dhiman, Dehradun: पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून कार्यालय पहुंचे और 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ का सामना किया। रावत के तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद पहली बार रावत से सीधे पूछताछ हुई है। इस दौरान रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले CBI और ED का “खेल” शुरू हो जाता है और कुछ समय बाद पता चलता है कि इसके पीछे क्या हो रहा था।

मां की तस्वीर लेकर ED दफ्तर पहुंचे पूर्व CM हरीश रावता।

ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले रावत ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपने ओएसडी से जुड़े प्रकरण और ईडी की कार्रवाई के संदर्भ में सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा। रावत के इस बयान से उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में इस प्रकरण को लेकर हलचल और तेज हो गई है। इससे पहले भी रावत ने ईडी की कार्रवाई को आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में जोड़ते हुए अपने राजनीतिक रुख को सार्वजनिक किया था।

मां जगदंबा का स्मरण कर पहुंचे ईडी कार्यालय
रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह “अपनी मां, मां जगदंबा और धरती माता का स्मरण कर, मां का आशीर्वाद लेकर आज ED कार्यालय पहुंचा हूं।” उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया और न ही किसी को आने के लिए कहा। पोस्ट के अंत में रावत ने लिखा—“ED ने बुलाया, हम खरामे-खरामे चले आए…” रावत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जीना के ठिकाने पर ईडी की कार्रवाई के बाद वह पहले ही अपने कुछ संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने से इनकार किया था और कहा था कि पार्टी से उनका संबंध कायम है।

10 सितंबर की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
ईडी ने 10 सितंबर 2026 को PMLA के तहत देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। कार्रवाई में चंदन सिंह जीना के अलावा UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों से जुड़े परिसरों को शामिल किया गया था। ईडी के अनुसार, कार्रवाई 2016 की UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं से जुड़ी मनी लांड्रिंग जांच का हिस्सा है।

जीना के घर से नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियां
ईडी के मुताबिक चंदन सिंह जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां मिली थीं। सोने में 13 सिक्के और सात चेन शामिल बताए गए। एजेंसी ने जीना और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े बैंक खातों में उपलब्ध करीब 52.16 लाख रुपये भी PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किए। ईडी ने बताया कि नकदी, सोना, घड़ियों और फ्रीज बैंक बैलेंस समेत जब्त व फ्रीज संपत्तियों का मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है। जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। घड़ियों का मूल्यांकन अलग से किया जा रहा है।

OMR शीट तक कैसे पहुंची जांच
ईडी की जांच का एक अहम हिस्सा 2016 की VPDO परीक्षा की OMR उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ा है। एजेंसी के अनुसार, UKSSSC की सुरक्षित अभिरक्षा में रखी OMR शीट तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाई जाती थीं। वहां अधूरी छोड़ी गई OMR शीट के रोल नंबर नोट किए जाने के बाद उन्हें कथित तौर पर निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक इन शीटों में उत्तरों के बुलबुले कथित रूप से भरे या बदले जाते थे और इसके बाद OMR शीट को फिर से सील कर दिया जाता था। ईडी इस कथित प्रक्रिया और इसके बदले बिचौलियों के माध्यम से हुए संभावित अवैध लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है।

जीना से पुराना राजनीतिक जुड़ाव
चंदन सिंह जीना वर्ष 2014 से 2017 के दौरान हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उनके OSD रहे थे। वर्तमान में वह रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत बताए गए हैं। ईडी की कार्रवाई के बाद रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह नहीं चाहते कि उनके कारण पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंचे।

रावत पहले भी उठा चुके हैं जांच पर सवाल
जीना के खिलाफ कार्रवाई के बाद रावत ने सार्वजनिक रूप से उनका बचाव किया था और कहा था कि उन्हें OMR में छेड़छाड़ के आरोप पर विश्वास नहीं है। बाद में उन्होंने चुनावी माहौल का हवाला देते हुए जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब ईडी कार्यालय में रावत से पूछताछ के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। रावत से 2016 की भर्ती परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, तत्कालीन अधिकारियों, OMR प्रक्रिया और चंदन सिंह जीना से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली जा रही है। ईडी की जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या कथित वित्तीय लेनदेन को अंतिम रूप से दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा।

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