
Aryan Walia, Dehradun: थाना वसंत विहार क्षेत्र में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर परिवार के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर सोने के आभूषण और नकदी लूटने के मामले का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल नेपाली मूल के दिनेश सुनार (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 27,500 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल एचआर-55 बीबी-1055 नंबर की सफेद अर्टिगा बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं।
घरेलू सहायक ने रची थी वारदात
मामला 29/30 सितंबर की रात बल्लीवाला चौक स्थित राज मार्केट निवासी महिपाल सिंह के घर का है। महिपाल सिंह पुत्र महेंद्र सिंह ने वसंत विहार थाने में तहरीर दी थी कि दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से करीब 20 दिन पहले घर में काम करने के लिए बुलाए गए भरत थापा ने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के बाद परिवार के सदस्य बेहोशी की हालत में पहुंच गए। इसी दौरान भरत थापा ने अपने साथियों के साथ घर में रखे सोने के आभूषण और नकदी लूट ली।
मामले में थाना वसंत विहार में मु.अ.सं. 209/2026, धारा 123 और 305(ए) बीएनएस के तहत भरत थापा आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के बाद भाजपा पार्षद अमिता सिंह की तबीयत गंभीर हो गई थी और उन्हें सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम सिंह की स्थिति ठीक बताई गई थी।
सीसीटीवी से खुली गिरोह की कड़ी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे पता चला कि भरत थापा के साथ चार अन्य लोग भी वारदात में शामिल थे और घटना में हरियाणा नंबर की कार का इस्तेमाल किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश के लिए अलग-अलग टीमें गैर-प्रांतों में भेजीं। 6 अक्टूबर की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिनेश सुनार को घटना में इस्तेमाल अर्टिगा कार के साथ गिरफ्तार कर लिया।
टैक्सी चलाने की आड़ में वारदात
पुलिस पूछताछ में दिनेश ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाता है। टैक्सी चलाने की आड़ में वह नेपाली मूल के अपने अन्य साथियों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य घरेलू काम करने के बहाने लोगों के घरों में जाते और उनकी रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया जाता था।
दिनेश अपनी टैक्सी से साथियों को घटनास्थल तक पहुंचाता और वारदात के बाद उन्हें वापस ले जाता था। इसके बदले उसे लूटे गए माल में हिस्सा मिलता था। बसंत विहार की घटना के बाद उसके साथियों ने उसे 50 हजार रुपये नकद दिए थे। बाकी हिस्सा लूट का माल बिकने के बाद देने की बात कही गई थी।
गिरफ्तार आरोपी और फरार साथियों के नाम
गिरफ्तार आरोपी: दिनेश सुनार पुत्र चंद्र सुनार, निवासी पर्यावरण कॉम्पलेक्स, गली सी-33डी, बालाजी अपार्टमेंट, दिल्ली, उम्र 27 वर्ष है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दिनेश और भरत थापा के साथ घटना में शामिल तीन अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें भरत थापा पुत्र चंद्र बहादुर थापा, निवासी जनकपुरी, नई दिल्ली, मूल निवासी नेपाल, आदित्य, अभिषेक और एलेक्स शामिल हैं। आदित्य, अभिषेक और एलेक्स भी नेपाली मूल के बताए गए हैं। चारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों और गैर-प्रांतों में दबिश दे रही हैं।



