वीडियो: गैस सिलेंडर के लिए उमड़ रही भीड़: श्रीनगर में सुबह से लगी कतारें, लाइन में आगे-पीछे को लेकर विवाद
सवाल: जब सब कुछ सामान्य तो क्यों इस तरह मारामारी कर लोग परेशानी उठा रहे

Divij Bahuguna, Dehradun: प्रदेश के कई हिस्सों में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बन रही असहज स्थिति के बीच पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल में शुक्रवार को उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के आवास विकास मैदान में सुबह से ही सैकड़ों लोग खाली सिलेंडर लेकर पहुंच गए और गैस पाने की उम्मीद में लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब नौ बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। कुछ ही समय में मैदान में लोगों की संख्या इतनी बढ़ गई कि वहां भीड़ का माहौल बन गया। कई लोग अपने खाली सिलेंडर के साथ मैदान में ही बैठ गए और घंटों तक गैस मिलने का इंतजार करते रहे।
भीड़ बढ़ने के साथ-साथ लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर कई बार कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बनी। कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं के बीच बहस भी हुई, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन की समझाइश से हालात को संभाल लिया गया। स्थिति को देखते हुए किसी तरह की अव्यवस्था या अराजकता न हो, इसके लिए पुलिस कर्मियों को भी मैदान में तैनात किया गया। पुलिसकर्मी लोगों को कतार में लगाकर गैस वितरण की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करते रहे।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है, जिसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जैसे ही गैस वितरण की सूचना मिली, बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंच गए। सबसे अधिक दिक्कत गढ़वाल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और शहर में किराए पर रहने वाले लोगों को हो रही है। उनका कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें खाना बनाने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस एजेंसियां नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को घंटों लाइन में लगकर इंतजार करने जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े। दरअसल, हाल के दिनों में प्रदेश के कई शहरों में गैस आपूर्ति को लेकर इसी तरह की स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जहां सिलेंडर मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग एजेंसियों या वितरण स्थलों पर पहुंच रहे हैं और लंबी कतारें लग रही हैं। श्रीनगर का यह ताजा मामला इसी बढ़ती चिंता की एक और तस्वीर सामने लाता है।
उत्तराखंड में LPG सिलेंडर के लिए लाइन लगने वाले क्षेत्र
1️⃣ देहरादून (राजधानी)
तारीख: 12 मार्च 2026
स्थान: नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी और शहर के अन्य गैस गोदाम और एजेंसियां।
स्थिति: सुबह से ही सैकड़ों लोग सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे रहे। करीब 320 उपभोक्ताओं को ही सिलेंडर मिल पाए, जबकि कई लोग बिना सिलेंडर लौट गए। गैस बुकिंग कॉल भी कई लोगों की कनेक्ट नहीं हो पा रही थी।
2️⃣ वसंत विहार, देहरादून
तारीख: 13 मार्च 2026
स्थिति: गैस की कमी की अफवाह के बीच लोगों ने गैस वाहन को रोककर सिलेंडर लेने की कोशिश की।
मौके पर हंगामा भी हुआ और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
3️⃣ ऋषिकेश
तारीख: 11–12 मार्च 2026 (रिपोर्ट)
स्थिति: पर्यटन क्षेत्र होने के कारण होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को गैस सप्लाई में दिक्कत। कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम होने से चिंता बढ़ी।
4️⃣ हरिद्वार
तारीख: 11–12 मार्च 2026
स्थिति: होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल सिलेंडर की कमी की शिकायतें।
पर्यटन कारोबार प्रभावित होने की आशंका।
5️⃣ नैनीताल
तारीख: 11 मार्च 2026
स्थिति: पर्यटन क्षेत्रों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित।
होटल-रेस्टोरेंट को गैस मिलने में देरी।
6️⃣ मसूरी
तारीख: 11–12 मार्च 2026
स्थिति: पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायों को गैस की आपूर्ति कम मिलने की शिकायत।
7️⃣ उत्तरकाशी
तारीख: 11–12 मार्च 2026
स्थिति: पर्यटन क्षेत्रों में कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरें।
8️⃣ रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)
तारीख: 13 मार्च 2026
स्थिति: प्रशासन ने कहा कि जिले में घरेलू गैस की कमी नहीं है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा।
इसलिए सिलेंडर को लेकर मच रही मारामारी
1️⃣ सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर
इजराइल और ईरान की जंग में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने, कच्चे तेल के दाम आसमान छूने और संभावित चुनौतियों के मद्देनजर अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं। पहले यह अवधि लगभग 21 दिन थी। यह बदलाव जमाखोरी और बार-बार बुकिंग रोकने के लिए किया गया है।
2️⃣ आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
सरकार ने तय किया है कि अगर आपूर्ति में दिक्कत हो तो:
अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को पहले गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके बाद अन्य जरूरतमंद संस्थानों को आपूर्ति होगी।
3️⃣ होटल-रेस्तरां को सीमित आपूर्ति फिलहाल व्यवस्था के तहत होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की सप्लाई सीमित की जा सकती है, ताकि जरूरी सेवाओं पर असर न पड़े।
4️⃣ कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती
राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि गैस एजेंसियों पर छापे और निरीक्षण किए जाएंगे। सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी कार्रवाई होगी।
5️⃣ सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कमी नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।



