वीडियो: डूबने के कगार पर खड़े दून के बैंक की बोर्ड बैठक में घुसे खातेदार, जमकर किया हंगामा
अर्बन कोओपरेटिव बैंक देहरादून की बोर्ड बैठक में मर्जर के प्रस्ताव पर मुहर

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून का अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (यूसीबी) इन दिनों गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। ऋण घोटाले के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिबंध झेल रहे इस बैंक पर अब बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। बैंक में करीब सात हजार खातेदारों के लगभग 124 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिससे खाताधारकों में भारी आक्रोश है। सोमवार को जब होटल हिम पैलेस में बैंक की बोर्ड बैठक चल रही थी तो बड़ी संख्या में खातेदार वहां घुस गए और जमकर हंगामा काटा।
बैंक को डूबने से बचाने के लिए प्रबंधन ने अब किसी सक्षम बैंक में विलय (मर्जर) का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। सोमवार को चेयरमैन मयंक ममगाईं की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में मर्जर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इससे साफ हो गया है कि बैंक फिलहाल अपने दम पर वित्तीय स्थिति सुधारने की स्थिति में नहीं है और अब उसकी सबसे बड़ी उम्मीद किसी अन्य बैंक के साथ विलय ही है।
इसी के साथ प्रबंधन ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बैंक की शेयर कैपिटल बढ़ाने का भी फैसला लिया है। अब तक बैंक में निवेश की अधिकतम सीमा चार करोड़ रुपये तय थी, जिसे बोर्ड की मंजूरी के बाद बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। प्रबंधन को उम्मीद है कि बड़ा निवेश आने से बैंक की डगमगाती वित्तीय स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है। बैठक में बैंक के सचिव बीरबल, राजू चौधरी, अभिनव कुमार, राजकुमार सिंह, मनोज शैली और डीएस मियान समेत अन्य निदेशक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान खातेदारों का हंगामा
बोर्ड बैठक के दौरान बड़ी संख्या में खातेदार होटल हिम पैलेस के बाहर जमा हो गए थे। काफी देर तक इंतजार के बाद जब उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो कई खातेदार बैठक कक्ष में ही घुस गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
खातेदारों ने बैंक प्रबंधन पर लापरवाही और जानबूझकर बैंक को इस स्थिति तक पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पहले से तैनात पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए किसी बड़े विवाद को होने से रोक दिया।



