
Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून के सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सह संयोजक विनोद कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, बुलडोजर एक्शन से पहले गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों पर जमकर पथराव और तोड़फोड़ की।
आग के हवाले किया सामान और चला बुलडोजर
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के कुछ सामान को आग के हवाले भी कर दिया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। इधर, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर लेकर आरोपियों के घरों तक पहुंची। अधिकारियों ने मकानों का निरीक्षण कर उन्हें चिह्नित किया, जिसके बाद बुलडोजर कार्रवाई भी की गई। बुलडोजर से अवैध भवनों को ध्वस्त किया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
मुख्यमंत्री धामी ने जताई सख्ती
घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली हिंसक मानसिकता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।
पानी के विवाद से शुरू हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम बैरागीवाला गांव में पानी के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते एक पक्ष के लोग एकजुट होकर भगवत प्रसाद के घर पहुंच गए और हमला कर दिया। हमले में विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि उनके भाई अशोक कुमार, राजेश तथा परिवार की एक अन्य सदस्य सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए।
तहरीर में लगाए गंभीर आरोप
मृतक के भाई अशोक कुमार पुत्र भगवत प्रसाद निवासी बैरागीवाला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पड़ोसी खेत में पानी को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा था। शनिवार शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शहबाज, शराफल अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद, इंतजार समेत अन्य लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ करीब 30 से 35 अन्य लोग भी थे और उनके हाथों में लाठी-डंडे, लकड़ी की फट्टियां, हथौड़े और बेलचे थे।
तहरीर के अनुसार, आरोपितों ने एक साथ मिलकर परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले के दौरान विनोद कुमार को हथौड़े से गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं अशोक कुमार, राजेश और सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए।
गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए शनिवार रात से ही पुलिस और पीएसी की तैनाती बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



