हल्द्वानी में हंगामा: बाउंसरों ने स्टेडियम के गेट पर जड़ा ताला, हाशिम अमला समेत कई खिलाड़ी फंसे
लेजेंड क्रिकेट लीग के दौरान भुगतान न होने पर हुआ हंगामा, मैच न होने देने की धमकी

Round The Watch, Desk: हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लेजेंड्स क्रिकेट लीग के मैच के बाद भुगतान विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को कुछ समय के लिए स्टेडियम परिसर में ही रोक लिया गया।

क्या हुआ पूरा मामला?
सोमवार को खेले गए मुकाबले के बाद जब खिलाड़ी होटल लौटने लगे, तभी बाउंसर्स और गार्ड्स ने तीन दिन का बकाया भुगतान न मिलने पर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इस अचानक घटनाक्रम से अफरा-तफरी मच गई और कई खिलाड़ी बसों में ही फंसे रह गए।
करीब डेढ़ घंटे तक खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ स्टेडियम के अंदर ही ‘कैद’ जैसे हालात में रहे। बाद में आयोजकों द्वारा दो घंटे के भीतर भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद गेट खोला गया।

विदेशी खिलाड़ियों पर भी असर
इस पूरे घटनाक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी प्रभावित हुए। इनमें
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका)
तिलकरत्ने दिलशान (श्रीलंका)
मुनाफ पटेल
हेमिल्टन मसाकाद्जा (जिम्बाब्वे)
रोलैंड जोन्स
सहित करीब 20 खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ शामिल थे, जो टीम बसों में फंसे रहे।
क्या बोले जिम्मेदार?
लीजेंड्स क्रिकेट लीग के को-फाउंडर रमन रहेजा ने सफाई देते हुए कहा कि
“भुगतान से जुड़े काम देखने वाले मुख्य सुरक्षा अधिकारी शहर से बाहर थे, जिस कारण देरी हुई। सभी का भुगतान किया जाएगा, घबराने की जरूरत नहीं है।”
वहीं सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर कुलदीप सिंह ने बताया कि
“82 बाउंसर और 42 गार्ड्स का तीन दिन का भुगतान नहीं हुआ था, जिसके चलते गेट बंद करना पड़ा। कंपनी ने दो घंटे में भुगतान का भरोसा दिया है, नहीं तो मैच रोकने का निर्णय लिया जाता।”
मैच पर भी मंडराया खतरा
अगर समय पर मामला नहीं सुलझता, तो मंगलवार को होने वाला मुकाबला भी रद्द हो सकता था। हालांकि, देर रात तक स्थिति नियंत्रण में आने की खबर है।
बड़ा सवाल
खिलाड़ियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़े ऐसे आयोजनों में भुगतान जैसी बुनियादी व्यवस्था में चूक कई सवाल खड़े करती है। क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सख्त प्रबंधन जरूरी नहीं?



