
Rajkumar Dhimnan, Dehradun: देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई ने एक युवक की जान ले ली। 23 मार्च 2026 की रात केहरी गांव में हुई खूनी मारपीट में गंभीर रूप से घायल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के 22 वर्षीय छात्र दिव्यांशु जाटराना ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
घटना की सूचना कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना प्रेमनगर को मिली, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायल दिव्यांशु जाटराना (पुत्र अमित जाटराना, निवासी ग्राम अथाई, थाना भोपा, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, (हाल पता—प्रेमनगर, देहरादून) को पहले सीएचसी प्रेमनगर ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर किया। गंभीर यह कि अस्पताल की एंबुलेंस खराब मिली। जीव पर पुलिस ने अपने वाहन से युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में धारा 3(5)/61(2)/103(1)/191(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों पक्ष प्रेमनगर स्थित उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और कॉलेज में वर्चस्व को लेकर लंबे समय से रंजिश चल रही थी, जो इस हिंसक घटना में बदल गई।
हिरासत में लिए गए अभियुक्त (संपूर्ण पते सहित):
युवराज कुमार पुत्र चंद्र प्रकाश
निवासी—ग्राम चांदी आरा, थाना चांदी आरा, जिला भोजपुर (बिहार)
हाल पता—केहरी गांव, लेन नंबर 1, फेस-2, प्रेमनगर, देहरादून
उम्र—20 वर्ष (BBA द्वितीय वर्ष का छात्र)
मधुर खंडेलवाल पुत्र मोहन खंडेलवाल
निवासी—गंगापुर रोड, रुद्रपुर, कोतवाली रुद्रपुर, जिला ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)
हाल पता—चित्रकूट एन्क्लेव, फेस-2, प्रेमनगर, देहरादून
उम्र—19 वर्ष (B.Tech तृतीय वर्ष का छात्र)
शिवम शर्मा पुत्र मृत्युंजय कुमार
निवासी—बिस्वा सरिया नगर, गोला रोड, दानापुर, थाना दानापुर, जिला पटना (बिहार)
हाल पता—चित्रकूट एन्क्लेव, फेज-2, थाना प्रेमनगर, देहरादून
उम्र—20 वर्ष (B.Tech तृतीय वर्ष का छात्र)
पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिस पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। कॉलेज की पुरानी रंजिश ने जिस तरह एक छात्र की जान ले ली, उसने युवाओं में बढ़ती हिंसा और वर्चस्व की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



