म्यूल अकाउंट गैंग का भंडाफोड़, हरिद्वार से 3 आरोपी गिरफ्तार, पहली बार धारा 111 लगाई
उत्तराखंड एसटीएफ ने किया संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश, बेनामी खातों का गंभीर रूप पकड़ा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए “म्यूल अकाउंट” (बेनामी खाता) उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फिर इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी के पैसों के लेनदेन में किया जाता था। प्रकरण में हरिद्वार से 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे काम करता था गैंग?
एसएसपी STF अजय सिंह के अनुसार, आरोपी पहले आम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे। फिर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंकों में कॉर्पोरेट/करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली में साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
इन खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई लाखों रुपये की रकम ट्रांजैक्ट की जाती थी। बदले में गिरोह मोटा कमीशन वसूलता था। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों के खिलाफ NCRP पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं।
हरिद्वार से हुई गिरफ्तारी
गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर STF की टीम ने हरिद्वार में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस संबंध में साइबर थाना देहरादून में मु0अ0सं0 22/2026 के तहत धारा 111, 318(4), 61(2) BNS और 66D IT Act में मुकदमा दर्ज किया गया है। संगठित अपराध के नेटवर्क को देखते हुए धारा 111 का प्रयोग उत्तराखंड में पहली बार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. रवि पुत्र अशोक कुमार (31 वर्ष), हाल निवासी-नवोदय नगर कॉलोनी, रोशनाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार, मूल निवासी: प्लॉट नं. 100, नवल सूरजपुर, थाना किठौर, मेरठ (उ.प्र.)
2. राजन चौधरी पुत्र ओम प्रकाश चौधरी (35 वर्ष), हाल निवासी-प्रेमपुरी, मोटा महादेव, नजीबाबाद रोड, थाना नजीबाबाद, अन्य पता: कृपाल आश्रम, शिवालिक नगर, थाना सिडकुल, हरिद्वार
3. विनीत राणा पुत्र धीर सिंह (25 वर्ष), निवासी: ग्राम मथाना, पोस्ट दाबकी कला, थाना खानपुर, जिला हरिद्वार
बरामदगी (Recovery)
– 01 कार: UK17Y 3762 (Swift)
– 3 पासबुक (विभिन्न बैंक)
– 3 चेकबुक
– 5 मोबाइल फोन
– 01 बैंक बुक (IDBI बैंक)
– 01 चेक (जन स्मॉल बैंक)
– 10 डेबिट कार्ड
– 5 पैन कार्ड
– 03 आधार कार्ड
– 05 फर्जी फर्म की मुहर
ऑपरेशन में शामिल टीम
-उपनिरीक्षक राजीव सेमवाल
-उपनिरीक्षक जगमोहन सिंह
-उपनिरीक्षक कुलदीप टम्टा
-कांस्टेबल नितिन रमोला
-कांस्टेबल नीरज नेगी
-कांस्टेबल सुधीश खत्री
जांच जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव
STF अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। साथ ही बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
जनता के लिए STF की सख्त चेतावनी
एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल से बचें। किसी को भी अपनी निजी जानकारी/दस्तावेज साझा न करें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई चीज़ असली नहीं होती। फर्जी निवेश, पैसा दोगुना करने वाली स्कीमों से दूर रहें। गूगल से कस्टमर केयर नंबर लेकर सीधे कॉल करने से बचें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।



