श्रीनगर के व्यक्ति से 1.31 करोड़ ठगने वाली मीना भट्ट का साथी रिंकू चढ़ा एसटीएफ के हत्थे
व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए दिया गया था रोजाना 05 प्रतिशत रिटर्न का लालच

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक और सदस्य को राजस्थान के झुंझुनूं से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ देशभर के कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड समेत कुल 05 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
“71 Wealth Enhancement” व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा, 5 प्रतिशत रोजाना मुनाफे का झांसा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स के अनुसार, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच कथित “रजत वर्मा” और “मीना भट्ट” नामक व्यक्तियों ने उसे एक लिंक के माध्यम से “71 Wealth Enhancement” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा।
इसके बाद उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर https://app.dbscoopreation.com के जरिए “Internal Equity Account” में रजिस्ट्रेशन कराया गया। ठगों ने प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का भरोसा देकर विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई माध्यमों से निवेश कराया और कुल 1 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपये की ठगी कर ली।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई। मामले में मु0अ0सं0 62/25 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण से खुला नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। संबंधित बैंकों, सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों और मेटा कंपनी से जानकारी जुटाकर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के तीन सदस्य महाराष्ट्र निवासी हैं, जो किसी अन्य मामले में केंद्रीय कारागार पटियाला में बंद हैं। एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को वारंट बी पर देहरादून लाकर 25 मार्च 2026 को रिमांड पर लिया और बाद में जेल भेज दिया।
गाजियाबाद के बाद अब झुंझुनूं से आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ पहले ही गिरोह से जुड़े आरोपी अरवाज सैफी को 9 अप्रैल 2026 को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच के दौरान राजस्थान के झुंझुनूं जिले के भोरकी गांव निवासी 22 वर्षीय रिंकू पुत्र किशोरी लाल को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को थाना गुदहा गोरजी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
रिंकू के खाते में आए थे ठगी के 2 लाख रुपये
विवेचना में सामने आया कि पीड़ित से ठगे गए रुपयों में से 2 लाख रुपये आरोपी रिंकू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी ने यह रकम सेल्फ चेक के जरिए निकाल ली थी।
एसटीएफ जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ देशभर में कई साइबर शिकायतें दर्ज हैं। तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों में उससे जुड़ी अब तक 16 शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
ये रही गिरफ्तारी करने वाली टीम
गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, अपर उपनिरीक्षक गोपाल बिष्ट और अपर उपनिरीक्षक पवन यादव शामिल रहे।
एसटीएफ की लोगों से अपील
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को इस्तेमाल के लिए न दें। कमीशन या किराये पर बैंक खाता देना भी अपराध है। एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।
साथ ही लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, यूट्यूब लाइक-सब्सक्राइब ऑफर, टेलीग्राम आधारित इन्वेस्टमेंट स्कीम और धन दोगुना करने वाले प्रलोभनों से बचने की सलाह दी गई है। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


