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2590 वर्ग मीटर की रजिस्ट्री और दाखिल खारिज हो गया 3066 वर्ग मीटर का, राजस्व रिकॉर्ड में घोर लापरवाही

जमीनी विवाद में हाईकोर्ट से राहत के बाद देहरादून के सूरत सिंह नेगी बोले, गलत मुकदमा दर्ज कराने वालों की हो जांच

Amit Bhatt, Dehradun: भूमि विवाद मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता एवं भूमि स्वामी देहरादून निवासी सूरत सिंह नेगी ने प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए रायपुर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक “न्याय यात्रा” निकालने का ऐलान किया है।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा तथ्यों के विपरीत और राजनीतिक दबाव का परिणाम था। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय के समक्ष वास्तविक दस्तावेज और तथ्य सामने आने के बाद उन्हें राहत मिली, जिससे स्पष्ट हो गया कि मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की गई थी।

भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ियों का लगाया आरोप
सूरत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भूमि रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज और राजस्व अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार विनय खुराना के नाम 2590 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री हुई थी, जबकि दाखिल-खारिज में 3066 वर्ग मीटर भूमि दर्ज कर दी गई। वहीं सुनयना खुराना द्वारा 2772 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री कराई गई, लेकिन प्रारंभिक दाखिल-खारिज में उनके नाम केवल 2296 वर्ग मीटर भूमि दर्ज की गई। नेगी ने कहा कि इन तथ्यों से स्पष्ट है कि राजस्व अभिलेखों में गंभीर त्रुटियां हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

आदेश के बावजूद रिकॉर्ड संशोधित नहीं
उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा संशोधित आदेश पारित किया गया था, जिससे भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट हो चुकी थी। इसके बावजूद राजस्व विभाग आज तक उक्त आदेश को अभिलेखों में दर्ज नहीं कर पाया है।

नेगी ने आरोप लगाया कि सक्षम प्राधिकारी के आदेश को लागू न किया जाना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

अपनी भूमि में भी 476 वर्ग मीटर कम दर्ज होने का दावा
नेगी ने कहा कि वर्ष 2021 में उन्होंने और मोहित पंवार ने लगभग सात बीघा भूमि खरीदी थी, लेकिन दाखिल-खारिज के दौरान उनके नाम 476 वर्ग मीटर भूमि कम दर्ज कर दी गई। उनका कहना है कि विभागीय स्तर पर हुई ऐसी त्रुटियों ने ही बाद में कई विवादों को जन्म दिया।

शिकायत समाप्त होने के बाद भी दर्ज हुआ मुकदमा
नेगी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने 23 मई 2026 को पुलिस को लिखित रूप से विवाद समाप्त होने की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद 10 जून 2026 को उनके और मोहित पंवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करता है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए कि विवाद समाप्त होने की सूचना के बाद भी मुकदमा दर्ज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

राजस्व और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
सूरत सिंह नेगी ने मांग की कि मामले में कथित रूप से गलत रिपोर्ट तैयार करने वाले राजस्व कर्मचारियों, तथ्यों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों तथा बिना पर्याप्त आधार के कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर उनके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।

रायपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ निकलेगी न्याय यात्रा
प्रेस वार्ता में नेगी ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और जनहित के मुद्दों को उठाने वाले लोगों को लगातार दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता। जनहित के मुद्दों को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को डराने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

इसी क्रम में उन्होंने रायपुर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक “न्याय यात्रा” निकालने की घोषणा की। नेगी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान क्षेत्र की जनता के सामने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज, तथ्य और घटनाक्रम रखे जाएंगे तथा यह बताया जाएगा कि किस प्रकार विभिन्न स्तरों पर कथित अनियमितताएं हुईं और जनहित के मुद्दों को दबाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। जनता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। हम देवतुल्य जनता के समक्ष पूरे मामले की सच्चाई रखेंगे। सत्य और न्याय की इस लड़ाई को किसी भी दबाव से रोका नहीं जा सकता।”

सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग
नेगी ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे आम जनता का शासन और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

पत्रकार वार्ता में पार्षद अमित भंडारी, पार्षद रोबिन त्यागी, पार्षद महेंद्र रावत, ब्लॉक अध्यक्ष सरिता बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष संजय उनियाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप मल्ल, एडवोकेट चंद्र मोहन कंडारी, रिपुदमन सिंह, विजय गुप्ता, मनीष सेनन, अनीश उपाध्याय, विनीत प्रसाद भट्ट (बंटू), एडवोकेट निलय रत्न कुकरेती, देवानंद मैथानी, मिथिलेश उपाध्याय एवं पूर्व प्रधान राजेश डोगरा उपस्थित रहे।

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