54 करोड़ के हरिद्वार भूमि घोटाले में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, पांच शहरों में ताबड़तोड़ छापे
सीएम धामी के सख्त रुख के बाद तेज हुई कार्रवाई, देहरादून से दिल्ली-लखनऊ तक खंगाले जा रहे ठिकाने, जांच में बड़े खुलासों के संकेत

Amit Bhatt, Dehradun: हरिद्वार नगर निगम के बहुचर्चित 54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में विजिलेंस ने अब जांच को निर्णायक चरण में पहुंचाते हुए शुक्रवार सुबह एक साथ पांच शहरों में व्यापक छापेमारी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने देहरादून, दिल्ली, लखनऊ, कनखल (हरिद्वार) और रुद्रप्रयाग में घोटाले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल शुरू कर दी।
गुरुवार को मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के महज एक दिन बाद हुई इस कार्रवाई को जांच का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। विजिलेंस की टीमें जमीन खरीद से जुड़ी फाइलें, भुगतान प्रक्रिया, बैंक लेनदेन, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लिए गए हैं। इनकी जांच से घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
यह मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर भूमि खरीदने और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। अब लगातार हो रही कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की तैयारी में है।
विजिलेंस फिलहाल आधिकारिक तौर पर कार्रवाई के विवरण साझा करने से बच रही है, लेकिन जिस पैमाने पर एक साथ कई शहरों में छापेमारी की गई है, उससे साफ है कि सरकार इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के मूड में है। जांच आगे बढ़ने के साथ कई और अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। यदि छापेमारी में मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य प्रारंभिक आशंकाओं की पुष्टि करते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे और नई गिरफ्तारियां भी संभव हैं।



