पत्नी को दवा के नाम पर पिला दिया जहर, मौत के 05 माह बाद ऐसे पकड़ा गया पति
अस्पताल में नायब तहसीलदार को दिए बयान के आधार पर जांच में सामने आया पति का घिनौना सच

Amit Bhatt, Dehradun: हरिद्वार जिले में एक महिला की मौत के मामले में पुलिस ने करीब 05 महीने बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि महिला की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि जहरीला पदार्थ पिलाए जाने से हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम के बाद आई एफएसएल रिपोर्ट और महिला के मृत्यु-पूर्व बयान ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
20 साल पुरानी शादी, 4 साल की बीमारी और फिर खौफनाक साजिश
पुलिस के अनुसार, हादराबाद क्षेत्र के मिर्जापुर मुस्तफाबाद निवासी 38 वर्षीय अफजाल की शादी करीब 20 वर्ष पहले हुई थी। उसकी पत्नी पिछले चार वर्षों से लगातार बीमार चल रही थी। लंबे समय से इलाज और देखभाल के चलते आरोपी मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। इसी दौरान उसने पत्नी की हत्या की योजना बनाई।
आरोप है कि उसने खेतों में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा को पत्नी की दवाई और पानी में मिलाकर इलाज के नाम पर उसे पिला दिया। जहरीला पदार्थ शरीर में पहुंचने के बाद महिला की हालत तेजी से बिगड़ गई।
अस्पताल ले जाकर खुद को बचाने की कोशिश
महिला की तबीयत बिगड़ने पर आरोपी उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, ताकि घटना को दवा के रिएक्शन या सामान्य बीमारी का रूप दिया जा सके। अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, मौत से पहले महिला को अपने साथ हुई साजिश का अंदेशा हो गया था। अस्पताल में नायब तहसीलदार की मौजूदगी में उसके मृत्यु-पूर्व बयान भी दर्ज किए गए थे, जो जांच में अहम साक्ष्य बने।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
महिला की मौत के बाद उसके भाई मरगूबपुर निवासी मोहम्मद अनीश ने 4 फरवरी 2026 को बहादराबाद कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने अपने जीजा अफजाल पर बहन को जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर बहादराबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने स्वयं जांच की कमान संभाली।
एफएसएल और बिसरा रिपोर्ट से हुआ हत्या का खुलासा
घटना के बाद पुलिस की फील्ड यूनिट ने मौके से भौतिक साक्ष्य एकत्र किए थे। पोस्टमार्टम के बाद मृतका का बिसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया।
हाल ही में प्राप्त एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला की मौत शरीर में घातक जहरीले पदार्थ फैलने के कारण हुई थी। रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मामला प्राकृतिक मौत का नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का था। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पति अफजाल को आरोपी बनाया।
फरार आरोपी हाईवे पुल के पास गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, सबूत सामने आने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। 27 जून 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि वह जिला छोड़कर भागने की तैयारी में बढ़ेड़ी राजपूतान हाईवे पुल (शांतरशाह क्षेत्र) के पास मौजूद है।
सूचना मिलते ही बहादराबाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पत्नी की लंबी बीमारी और इलाज से परेशान था। इसी कारण उसने जहरीली दवा मिलाकर पत्नी को पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।



