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केतन लाल के अंतिम शब्द, गर्लफ्रेंड के गर्भवती होने और मौत के बाद रेप के मुकदमे से उलझा मामला

मौत के बाद केतन लाल और उसके दोस्त पर पॉक्सो-दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड के चर्चित केतन लाल हत्याकांड में अब एक नया और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जिस मामले में दलित छात्र केतन लाल की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने के आरोप में चार लोग जेल भेजे जा चुके हैं, उसी प्रकरण में अब मृतक केतन लाल और उसके मित्र दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नाबालिग लड़की की मां की शिकायत, हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मामले ने अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर नया मोड़ ले लिया है। क्योंकि, अब नाबालिग के साथ संबंध/दुष्कर्म के आरोप लगे हैं और दूसरी तरफ केतन के मौत से पहले के अंतिम शब्द कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

नाबालिग की मां ने लगाए गंभीर आरोप
प्रतापनगर विकासखंड क्षेत्र की एक महिला ने लंबगांव थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 7 जून की रात केतन लाल और उसका दोस्त दिवाकर डिमरी उनके घर में घुस आए थे और उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती की थी। महिला का आरोप था कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट की शरण ली और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई
याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को नाबालिग पक्ष की बात सुनने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया। लंबगांव थानाध्यक्ष डीपी काला के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद मृतक केतन लाल और दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट तथा दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई है। बता दें कि मृतक केतन की नाबालिग गर्लफ्रेंड गर्भवती पाई गई है।

केतन के आखिरी बयान, लड़की ने घर बुलाया था
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में केतन लाल का एक वीडियो और कथित बयान भी सामने आया था, जिसमें वह कहता सुनाई दिया था कि उसे मोटे डंडों से पीटा गया, उसकी हालत बेहद खराब है और वह मर सकता है। उसने यह भी दावा किया था कि लड़की ने उसे बुलाया था तथा उसके पास बातचीत और संदेशों के प्रमाण मौजूद हैं।
हालांकि इन दावों की सत्यता और कानूनी वैधता का परीक्षण जांच एजेंसियों और न्यायालय की प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।

ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला
टिहरी जिले के देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल इंटरमीडिएट का छात्र था। बताया गया कि उसका गांव की एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। बताया जाता है कि 7 जून की रात करीब साढ़े 11 बजे लड़की के बुलावे पर वह अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ बाइक से गांव पहुंचा था।

रातभर पिटाई, सुबह अस्पताल और फिर मौत
आरोप है कि गांव पहुंचने के बाद लड़की के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। उन्हें एक कमरे में बंद कर रातभर बेरहमी से पीटा गया। अगली सुबह दोनों की हालत गंभीर मिली। केतन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल दिवाकर डिमरी को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।

हत्या के आरोप में चार लोग पहुंचे जेल
केतन की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। अस्पताल में प्रदर्शन के बाद लंबगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता, दादा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच सीओ चंबा को सौंपी गई, जबकि फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

फिर सामने आया दूसरा पक्ष
जब हत्या के मामले की जांच चल रही थी, उसी दौरान नाबालिग लड़की की मां ने आरोप लगाया कि घटना की रात उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था और पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसी शिकायत को लेकर वह हाईकोर्ट पहुंचीं।

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मेडिकल परीक्षण और प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया पूरी हुई, जिसके आधार पर अब केतन लाल और दिवाकर डिमरी के खिलाफ अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस बहुचर्चित मामले में दो समानांतर आपराधिक पहलू सामने हैं। एक ओर केतन लाल की मौत को लेकर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, वहीं दूसरी ओर नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है।

पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की अंतिम स्थिति जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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