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राहुल गांधी के देहरादून में कार्यक्रम पर रोक? परेड ग्राउंड में एनओसी नहीं, सकते में कांग्रेस

कांग्रेस बोली, हर हाल में होगा छात्र संवाद, ढाई लाख छात्र करा चुके रजिस्ट्रेशन

Rajkumar Dhiman, Dehradun: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक स्तर पर नया पेच फंस गया है। 15 से 17 जुलाई तक देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम को अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। वजह यह है कि कांग्रेस की ओर से अब तक सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नगर निगम में जमा नहीं कराई गई है। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम तय समय पर ही होगा और अनुमति को लेकर किसी तरह की आधिकारिक रोक नहीं लगाई गई है।

नगर निगम ने बताई अनुमति अटकने की वजह
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे के अनुसार कांग्रेस ने परेड ग्राउंड के उपयोग के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रारंभिक आवेदन में कार्यक्रम का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसके बावजूद मेयर की संस्तुति के आधार पर 10 जुलाई 2026 को कुछ शर्तों के साथ अनुमति पत्र जारी किया गया था।

नगर निगम का कहना है कि यह अनुमति सशर्त थी और स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक NOC मिलने के बाद ही अंतिम स्वीकृति प्रभावी मानी जाएगी। चूंकि अभी तक आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया गया है, इसलिए अंतिम अनुमति लंबित है।

ढाई लाख प्रतिभागियों के दावे पर भी सवाल
प्रशासन के सामने एक और चुनौती कार्यक्रम में संभावित भीड़ को लेकर है। कांग्रेस करीब 2.5 लाख लोगों के पंजीकरण का दावा कर रही है, जबकि परेड ग्राउंड की क्षमता लगभग 20 हजार लोगों की बताई जा रही है। ऐसे में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

पहले से तय सरकारी कार्यक्रम भी बने बाधा
नगर निगम के अनुसार परेड ग्राउंड में इन दिनों केंद्र सरकार का ‘लोक पर्व’ कार्यक्रम संचालित हो रहा है, जिसकी अवधि बढ़ाकर 17 जुलाई तक कर दी गई है। इसके अलावा 16 और 17 जुलाई को राज्यपाल के कार्यक्रम भी वहीं प्रस्तावित हैं।

नगर निगम का कहना है कि नियमों के अनुसार जिस कार्यक्रम को पहले स्वीकृति मिल चुकी हो या जो पहले से संचालित हो, उसे प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण फिलहाल परेड ग्राउंड उपलब्ध कराने में प्रशासनिक दिक्कत सामने आ रही है।

कांग्रेस को दिया गया वैकल्पिक मैदान
नगर निगम ने कांग्रेस को वैकल्पिक स्थल के रूप में बन्नू फील्ड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कांग्रेस आज शाम तक सिटी मजिस्ट्रेट की एनओसी जमा कर देती है तो नियमों के अनुरूप परेड ग्राउंड के आवंटन पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है।

गणेश गोदियाल बोले-, कार्यक्रम तय, रोक की कोई सूचना नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी के पास परेड ग्राउंड की अनुमति मौजूद है और प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रद्द करने या अनुमति वापस लेने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए पहुंचे ट्रकों को मैदान में इसलिए प्रवेश नहीं मिला क्योंकि ग्राउंड की बुकिंग अगले दिन से प्रभावी है। इस संबंध में उनकी सिटी मजिस्ट्रेट से भी बातचीत हुई है। उनके मुताबिक पुलिस कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। उन्होंने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।

गोदियाल ने दोहराया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम किसी भी स्थिति में आयोजित किया जाएगा। यदि राजनीतिक कारणों से परेड ग्राउंड उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस दूसरे स्थान पर कार्यक्रम करेगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार ने राजभवन को “लोक भवन” बना दिया है तो वह भी आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान हो सकता है।

राहुल गांधी की कोर टीम पहले ही पहुंची देहरादून
राहुल गांधी की 7 से 8 सदस्यीय कोर टीम पहले ही देहरादून पहुंच चुकी है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कार्यक्रम का अधिकांश सामान भी करीब 48 घंटे पहले दिल्ली से पहुंच गया था। ऐसे में अंतिम समय में अनुमति को लेकर उत्पन्न स्थिति ने पार्टी की तैयारियों पर असर डाला है।

कैसा होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
कांग्रेस का कहना है कि यह पारंपरिक राजनीतिक रैली नहीं बल्कि छात्रों के साथ सीधा संवाद होगा। मंच पर राहुल गांधी के अलावा किसी अन्य राजनीतिक नेता को स्थान नहीं दिया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र सीधे राहुल गांधी से शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक, बेरोजगारी और रोजगार जैसे विषयों पर सवाल पूछ सकेंगे।

पार्टी के अनुसार यह कार्यक्रम राजस्थान के कोटा में आयोजित छात्र संवाद मॉडल की तर्ज पर तैयार किया गया है और इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा छात्र संवाद बनाने की तैयारी है।

क्या है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का विशेष छात्र संवाद अभियान है, जिसके तहत राहुल गांधी विभिन्न राज्यों में छात्रों और युवाओं से सीधे बातचीत करते हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।

पिछला उत्तराखंड दौरा मौसम के कारण टल गया था
राहुल गांधी का प्रस्तावित उत्तराखंड दौरा इससे पहले जून के पहले सप्ताह में भी तय था। उस समय अल्मोड़ा में जनसभा और पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर पंतनगर से आगे नहीं उड़ सका और दौरा रद्द करना पड़ा था। बाद में उन्होंने फोन और वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया था।

इसी वजह से कांग्रेस इस बार कार्यक्रम को हर हाल में सफल बनाने की कोशिश में जुटी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी समय रहते सिटी मजिस्ट्रेट की एनओसी नगर निगम में जमा करा पाती है या नहीं, क्योंकि उसी के बाद परेड ग्राउंड पर अंतिम प्रशासनिक निर्णय लिया जाएगा।

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