बद्रीनाथ के बाद अब मनसा देवी मंदिर के दान पर उठे सवाल, जेब में नोट रखते दिखे कर्मचारी का वीडियो वायरल
वर्ष 2023 का वीडियो अब वायरल हुआ तो गया प्रबंधन का ध्यान, नई व्यवस्था पर अमल

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला चर्चा में रहने के बीच अब हरिद्वार स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मनसा देवी मंदिर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंदिर का एक कर्मचारी कथित तौर पर श्रद्धालु द्वारा दिए गए नोट को अपनी जेब में रखते हुए दिखाई देता है।
हालांकि, मंदिर प्रशासन ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं, जांच में यह सामने आया है कि वायरल वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 13 जुलाई 2023 का है, जो अब दोबारा सोशल मीडिया पर सामने आया है।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में मंदिर परिसर में बैठा एक व्यक्ति श्रद्धालुओं से दान स्वीकार करता दिखाई देता है। श्रद्धालु द्वारा दिए गए नोट को वह पहले पूजा की थाली के पास रखता है। इसके बाद श्रद्धालु के वहां से हटते ही वह इधर-उधर नजर दौड़ाता है, नोट को मोड़ता है और अपने कुर्ते की जेब में रख लेता है। यही दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है।
कर्मचारी की पहचान महेश दुबे के रूप में होने का दावा
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान मनसा देवी मंदिर के कर्मचारी महेश दुबे के रूप में की जा रही है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने न तो महेश दुबे की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही वायरल वीडियो की प्रामाणिकता पर कोई बयान जारी किया है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
तीन साल पुराना है वीडियो, पर व्यवस्था कठघरे में
सोशल मीडिया पर वीडियो को हालिया घटना बताकर साझा किया जा रहा है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह घटना 13 जुलाई 2023 की है। करीब तीन वर्ष पुराना यह वीडियो अब दोबारा वायरल हुआ है, जिससे मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी पहले ही लागू कर चुके हैं ‘बिना जेब वाले कुर्ते’ का नियम
मंदिर में दान व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की आशंका को रोकने के लिए मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी पहले ही बड़ा फैसला ले चुके हैं। उनके निर्देश पर मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते पहनना अनिवार्य किया गया था, ताकि व्यक्तिगत रूप से नकदी छिपाने या रखने की कोई गुंजाइश न रहे।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।



