
Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी एस रामस्वामी के बेटे यशवर्धन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी, कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी और कभी भारतीय सेना का वरिष्ठ अफसर बताकर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था और उनसे लाखों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दिल्ली निवासी एक युवती को अपने ऊंचे राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का झांसा दिया। विश्वास में लेकर उसने युवती से करीब 4.5 लाख रुपये ऐंठ लिए। रकम लेने के बाद भी आरोपी लगातार और पैसों की मांग कर रहा था। परेशान होकर युवती ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने यशवर्धन को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग लोगों के सामने खुद को केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों से जुड़ा अधिकारी बताकर प्रभाव जमाता था।
सेना की वर्दी, बैज और वॉकी-टॉकी बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारतीय सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार इनका इस्तेमाल वह खुद को वरिष्ठ सैन्य अधिकारी साबित करने और लोगों पर रौब जमाने के लिए करता था।
होटलों में भी करता था धोखाधड़ी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई होटलों में ठहरने के बाद बिना भुगतान किए निकल जाता था। विरोध करने पर होटल कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को भी खुद को बड़ा अधिकारी बताकर धमकाने या गुमराह करने की कोशिश करता था।
और भी शिकायतें आने की आशंका
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसके द्वारा की गई अन्य कथित ठगी और फर्जीवाड़े की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आगे और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
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