सितारगंज विजिलेंस ट्रैप में बड़ा यू-टर्न, 20 घंटे बाद दोनों कर्मचारी रिहा, खाली हाथ लौटी टीम
एसडीएम ने कहा, विजिलेंस ने ऋण वसूली की राशि को समझ लिया था घूस

Amit Bhatt, Dehradun: ऊधमसिंहनगर की सितारगंज तहसील में रिश्वत प्रकरण को लेकर शुरू हुआ हाई-प्रोफाइल विवाद गुरुवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। करीब 21 घंटे तक चले गतिरोध के बाद सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने हिरासत में लिए गए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को मुक्त कर दिया। इसके बाद टीम भारी पुलिस सुरक्षा के बीच तहसील परिसर से बिना दोनों कर्मचारियों को साथ लिए वापस लौट गई।
बुधवार दोपहर विजिलेंस ने एक किसान की शिकायत के आधार पर तहसील परिसर में ट्रैप कार्रवाई की थी। आरोप था कि वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा ने रिश्वत ली है। कार्रवाई के दौरान दोनों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही तहसील कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने तत्काल तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़कर पूरी तरह लॉकडाउन जैसे हालात कर दिए थे।
कर्मचारियों के विरोध के कारण विजिलेंस टीम लगभग 21 घंटे तक तहसील परिसर से बाहर नहीं निकल सकी। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी सितारगंज पहुंच गए। वहीं, वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के पैतृक गांव से भी कई ग्रामीण तहसील पहुंचे और कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हो गए। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
गुरुवार सुबह उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने तहसील पहुंचकर राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और विजिलेंस अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की। लंबे मंथन और उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद गतिरोध समाप्त करने पर सहमति बनी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने दोनों कर्मचारियों को मुक्त कर दिया और पुलिस सुरक्षा के बीच तहसील परिसर से रवाना हो गई।
उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने विजिलेंस टीम को स्पष्ट किया कि जिस धनराशि को रिश्वत बताया जा रहा था, वह वास्तव में राजस्व विभाग की वैधानिक ऋण वसूली प्रक्रिया के तहत प्राप्त की गई राशि थी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और वसूली प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण मामले को अलग नजरिए से देखा गया। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और अब आगे की कार्रवाई सक्षम स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
वहीं, विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रभात कुमार ने कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही प्रकरण के संबंध में अंतिम निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि, फिलहाल विजिलेंस टीम को बुरी तरह बैकफुट पर आना पड़ गया।



