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इस्पात कंपनी पर बीआईएस का छापा, मानक उल्लंघन पर उत्पाद जब्त

देहरादून की टीम ने मुजफ्फरनगर में मेरठ रोड स्थित कंपनी में हुई कार्रवाई

Amit Bhatt, Dehradun: मेरठ रोड स्थित एक इस्पात निर्माण कंपनी में शुक्रवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की देहरादून शाखा की टीम ने छापेमारी की। 14 अगस्त 2026 को हुई इस कार्रवाई में कंपनी में तैयार इस्पात उत्पादों की जांच की गई। टीम ने यह पता लगाने के लिए निरीक्षण किया कि अनिवार्य श्रेणी के उत्पादों का निर्माण आवश्यक बीआईएस लाइसेंस के तहत हो रहा है या नहीं और उत्पाद केंद्र सरकार के गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

कार्रवाई के लिए बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख हेमंत बी अड़े के निर्देश पर टीम गठित की गई। इसमें संयुक्त निदेशक पीयूष प्रकाश, सहायक निदेशक सौरभ कुमार चौरसिया, सहायक अनुभाग अधिकारी अंशुल शर्मा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक पवन मुंडेपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर नीरज बिष्ट शामिल रहे।

टीम की जांच में सामने आया गुणवत्ता नियंत्रण आदेश का उल्लंघन
बीआईएस टीम ने फैक्ट्री में उपलब्ध उत्पादों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान उत्पादों पर बीआईएस मानक चिह्न की मौजूदगी और भारत सरकार की ओर से लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के अनुरूपता की पड़ताल की गई।

जांच के दौरान इस्पात उत्पाद गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन में पाए गए। इसके बाद टीम ने संबंधित उत्पादों को जब्त कर लिया। उपलब्ध सूचना में जब्त किए गए उत्पादों की मात्रा, कीमत अथवा संबंधित उत्पाद का विशिष्ट मानक विवरण नहीं दिया गया है।

बीआईएस अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
बीआईएस के अनुसार जब्त किए गए उत्पादों के संबंध में आगे की कार्रवाई बीआईएस अधिनियम, 2016 के तहत की जाएगी। कार्रवाई का उद्देश्य अनिवार्य उत्पादों के निर्माण में निर्धारित मानकों और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

बीआईएस ने उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और ऑनलाइन मंचों से अपील की है कि वे केवल बीआईएस प्रमाणित उत्पादों का ही निर्माण, बिक्री और वितरण सुनिश्चित करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि मानक चिह्न वाले उत्पादों की प्रमाणिकता को लेकर उपभोक्ता स्वयं भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बीआईएस केयर ऐप पर शिकायत की सुविधा
उपभोक्ता बीआईएस केयर मोबाइल ऐप के माध्यम से बीआईएस मानक चिह्न वाले उत्पादों की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं। इसी ऐप के जरिए किसी उत्पाद अथवा मानक से संबंधित शिकायत भी दर्ज की जा सकती है।

मेरठ रोड स्थित इस्पात कंपनी में हुई इस कार्रवाई के बाद जब्त उत्पादों पर बीआईएस अधिनियम के तहत अगली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस कार्रवाई से बीआईएस ने अनिवार्य उत्पादों में लाइसेंस और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के अनुपालन को लेकर सख्ती का संकेत दिया है।

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