महिला ने पहले बनाए अवैध संबंध, फिर मन भरा तो पति संग मिलकर प्रेमी की कर दी हत्या
प्रेमी गोपाल को हरिद्वार बुलाकर गंगा घाट पर कर दी हत्या, पति-पत्नी गिरफ्तार

Round The Watch News: अस्पताल में इलाज के दौरान हुई पहचान कब अवैध संबंध में बदल गई, इसका अंत बिजनौर निवासी अधेड़ गोपाल की हत्या के रूप में हुआ। पुलिस के अनुसार, महिला ने पहले गोपाल के साथ संबंध बनाए। बाद में गोपाल उस पर पति और परिवार को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बनाने लगा। पुलिस का कहना है कि गोपाल धमकी भी दे रहा था। इससे परेशान महिला ने पूरी बात पति नरेंद्र को बताई और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
बिजनौर से बुलाया, हरिद्वार में रची हत्या की पटकथा
एसपी सिटी दीपक सिंह के अनुसार, 16 सितंबर की रात महिला ने गोपाल को बिजनौर से हरिद्वार बुलाया। उसे गंगा घाट ले जाया गया। वहां शराब पिलाने के बाद जब गोपाल सो गया तो उस पर चापड़ और छुरी से हमला कर दिया गया। हत्या के बाद उसका मोबाइल और पर्स गंगा में फेंक दिया गया। शव को दूधियाबंद के पास जंगल में छोड़ दिया गया।
17 सितंबर को मिला शव, चार दिन बाद हुई पहचान
17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद के पास जंगल में एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला, लेकिन पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के जिलों से संपर्क कर पहचान कराने का प्रयास किया। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे स्वजन ने मृतक की पहचान बिजनौर निवासी गोपाल के रूप में की। इसके बाद उसके बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
साक्ष्यों ने खोला ब्लाइंड मर्डर का राज
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि अस्पताल में इलाज के दौरान गोपाल की महिला से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने। पुलिस के मुताबिक, बाद में गोपाल महिला पर पति को छोड़ने और उसके साथ आने का दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर महिला ने पति को पूरी बात बताई।
इसके बाद नरेंद्र ने पत्नी, अपने भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का चापड़ बरामद कर लिया है। मामले में नरेंद्र के भाई और एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उप निरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।



