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दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक संजय चौधरी, मां ओमवती समेत 03 पर मुकदमा

जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर 0.405 हेक्टेयर जमीन हड़पने का आरोप, मां ओमवती पर भी एफआईआर

Rajkumar Dhiman, Dehradun: प्रेमनगर थाना क्षेत्र में जमीन हड़पने के लिए एक जीवित व्यक्ति को दस्तावेजों में मृत दिखाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक डॉ. संजय चौधरी, उनकी मां ओमवती और अन्य महिला चंद्रावती ने आपराधिक षड्यंत्र कर जाली वसीयत, फर्जी श्मशान घाट की रसीद और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर ताराचंद की जमीन अपने पक्ष में कराने का आरोप है।

मामले में श्यामलाल पुत्र स्वर्गीय ताराचंद, निवासी सिमलासग्रांट, थाना डोईवाला ने न्यायालय में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 216/2026 दर्ज किया है। आरोपितों में चंद्रावती पत्नी बलवीर सिंह उर्फ भोला निवासी ठाकुरपुर, प्रेमनगर, डॉ. संजय कुमार चौधरी और उनकी मां ओमवती शामिल हैं। पुलिस ने मामले में धारा 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

1995 में तैयार की फर्जी वसीयत
शिकायत के अनुसार आरोपितों ने कथित षड्यंत्र के तहत तीन अगस्त 1995 को ताराचंद की जाली और कूटरचित वसीयत तैयार की। इसके बाद एक कथित फर्जी श्मशान घाट की रसीद बनाई गई, जिसमें ताराचंद की मृत्यु 14 जून 2002 दर्शाई गई। आरोप है कि इसी आधार पर उनकी जमीन को हड़पने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायतकर्ता के अनुसार ताराचंद की उस समय मृत्यु हुई ही नहीं थी। उनकी वास्तविक मृत्यु 20 नवंबर 2016 को हुई। इसके लिए ग्राम पंचायत सिमलासग्रांट, डोईवाला की ओर से विधिवत जारी मृत्यु प्रमाण पत्र भी मौजूद होने का दावा किया गया है। यानी कथित फर्जी दस्तावेज में मृत्यु की तारीख वास्तविक मृत्यु से करीब 14 वर्ष पहले की दर्शाई गई।

ईस्ट हॉप टाउन की 0.4050 हेक्टेयर जमीन
मामला मौजा ईस्ट हॉप टाउन, परगना पछवादून, जिला देहरादून की जमीन से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक भूमि खाता संख्या 02040 में दर्ज है। इसमें खसरा संख्या 34/8 का 0.1010 हेक्टेयर और खसरा संख्या 121 मि. का 0.3040 हेक्टेयर रकबा शामिल है। दोनों को मिलाकर कुल जमीन 0.4050 हेक्टेयर है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जाली वसीयत, फर्जी मृत्यु/श्मशान घाट की रसीद और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी से आरोपितों के पक्ष में प्रविष्टि दर्ज करा दी गई। इससे ताराचंद के विधिक वारिसों को भारी आर्थिक नुकसान और आरोपितों को अवैध आर्थिक लाभ होने का आरोप है।

पुलिस ने कहा, जांच शुरू
प्रेमनगर थाना पुलिस के अनुसार आरोपितों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब जांच में वसीयत, श्मशान घाट की रसीद, ताराचंद का वास्तविक मृत्यु प्रमाण पत्र और राजस्व अभिलेखों की जांच अहम होगी। इन दस्तावेजों की सत्यता और जमीन के नामांतरण की पूरी प्रक्रिया की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

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