अभिनेत्री उर्मिला सनावर को ब्लैकमेलिंग मामले में कोर्ट से जमानत, जेल से आएंगी बाहर
10 साल तक की सजा वाली बीएनएस की धाराओं पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल, कोर्ट ने दलीलें स्वीकार कीं

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार अभिनेत्री उर्मिला सनावर को अदालत से राहत मिल गई है। एसीजेएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। हालांकि, जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उनकी जेल से रिहाई हो सकेगी। बचाव पक्ष को उम्मीद है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर वह अगले दिन जेल से बाहर आ जाएंगी।
उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति चौहान के अनुसार, जमानत अर्जी पर दोपहर करीब एक बजे सुनवाई हुई। इस दौरान भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) और 308(7) को लेकर मुख्य रूप से बहस हुई। इन धाराओं में अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर उर्मिला सनावर के खिलाफ ये धाराएं नहीं बनती हैं। अधिवक्ता के मुताबिक, अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को स्वीकार करते हुए जमानत मंजूर कर ली।
अभियोजन ने 10-11 मुकदमों का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन की ओर से अदालत को बताया गया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ अलग-अलग जिलों में 10 से 11 मामले दर्ज हैं। यह आशंका भी जताई गई कि जेल से बाहर आने के बाद वह अन्य लोगों के खिलाफ वीडियो प्रसारित कर सकती हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
जमानतदारों को लेकर अटकी औपचारिकता
जमानत मंजूर होने के बावजूद रिहाई की प्रक्रिया में कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। अधिवक्ता प्रीति चौहान ने बताया कि जमानतदार सहारनपुर से आए थे, लेकिन उर्मिला सनावर के रिश्तेदार नहीं होने के कारण अदालत उनकी जमानत को लेकर संतुष्ट नहीं हुई। इस वजह से जमानत बॉन्ड दाखिल करने की प्रक्रिया में समय लग रहा है।
बचाव पक्ष के अनुसार, अगले दिन दोपहर तीन से चार बजे तक जमानत बॉन्ड दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसके बाद शाम करीब पांच बजे रिहाई का परवाना जारी होने की उम्मीद है। यदि सभी औपचारिकताएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो उर्मिला सनावर शाम छह से सात बजे के बीच जेल से बाहर आ सकती हैं। फिलहाल उनकी रिहाई जमानत की शेष प्रक्रियाएं पूरी होने पर निर्भर है।



