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एसजीआरआर रंगदारी मामले में ऑडियो क्लिप आई सामने, आरोप-प्रत्यारोप तेज

05 से 07 लाख रुपये की रंगदारी के मामले में एबीवीपी नेता, छात्रसंघ अध्यक्ष समेत 08 छात्रों के विरुद्ध मुकदमा हो चुका है दर्ज, छात्रों पर यह दूसरा मुकदमा है

Amit Bhatt, Dehradun: एसजीआरआर विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्रसंघ के बीच चल रही तनातनी अब मुकदमेबाजी तक पहुंच गई है। प्रबंधन ने छात्रों पर 05 से 07 लाख रुपये की रंगदारी और अस्पताल में फार्मेसी शॉप आवंटन कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में थाना पटेलनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) नेता, छात्रसंघ अध्यक्ष समेत 08 छात्रों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। प्रबंधन की ओर से छात्रों पर यह दूसरा मुकदमा है। इसी बीच रंगदारी प्रकरण में एक ऑडियो क्लिप सामने आई है। इस क्लिप के साथ छात्रसंघ पदाधिकारियों ने अपना वीडियो अटैच करते हुए प्रबंधन पर प्रलोभन का आरोप लगाया है। क्योंकि, पहले भाग में वीडियो है, जबकि बीच से ऑडियो क्लिप शुरू हो जाती है। वहीं, एसजीआरआर प्रबंधन की ओर से मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने ऑडियो/वीडियो क्लिप को एडिट कर बनाए जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि रंगदारी प्रकरण की वास्तविक क्लिप प्रबंधन ने पुलिस को मुहैया करा दी है। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

ऑडियो क्लिप के साथ वीडियो को अटैच कर इसे खुद एसजीआरआर के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने वायरल किया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि छात्र हितों की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने को समाप्त करने के लिए उन्हें प्रबंधन के साथ अकेले में वार्ता के लिए बुलाया था। इस क्लिप में जो बातें कही जा रही हैं, उसके प्रमुख अंश इस प्रकार हैं। छात्रसंघ पदाधिकारियों से इतर एक व्यक्ति (जिन्हें पीआरओ बताया जा रहा) यह कह रहे हैं कि पर्नसल लेवल पर जो भी चीजें रहती हैं, वह होता है। ऐसा नहीं कि भीड़ के बीच के कुछ भी हो जाएगा। ….इस तरह से करो कि चुपके से छोटे-मोटे काम….पर्नसल लेवल पर….आपका भी रिस्पेक्टिव एग्जिट हो जाएगा। हालांकि, छात्रसंघ पदाधिकारी यह जरूर कहते मिल रहे हैं कि कब तक खाएंगे उस 05 लाख रुपये को। फिर वह फार्मेसी की मांग पर जोर देते हैं। यह बात इस क्रम में जरूर पाई जा रही है कि अस्पताल में फार्मेसी की मांग की गई है। दूसरी तरफ क्लिप में जिन्हें कुलपति बताया जा रहा है वह कह रहे हैं कि यह बात उनके हाथ में नहीं है। इतना है कि प्रबंधन में जो लोग सक्षम हैं, उन्हें कन्वे करवा देंगे।

क्लिप की सत्यता प्रामाणिक नहीं, लेकिन लेनदेन का आभास जरूर हो रहा
छात्रसंघ पदाधिकारियों की ओर से अपने पक्ष में वायरल करवाई गई क्लिप में छात्र नेता इसकी व्याख्या अपने पक्ष के हिसाब से कर रहे हैं, लेकिन छात्रों की बात साफ तौर पर इससे पुष्ट होती नहीं दिख रही। न ही अभी क्लिप की प्रमाणिकता साफ हो पाई है। इसे सुनकर इतना जरूर कहा जा सकता है कि लेनदेन की बात तो जरूर हुई है। इन आरोपों में छात्र नेता कितने दोषी या पाक साफ हैं, इसका पता पुलिस की विवेचना या आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत ही संभव है।

यह है पूरा प्रकरण
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. अजय कुमार खंडूरी रजिस्ट्रार एसजीआरआर विश्विवद्यालय ने बताया कि कुछ दिनों से छात्रसंघ से जुड़े पदाधिकारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ के पदाधिकारियों का एकमात्र उद्देश्य एसजीआरआर विश्वविद्यालय से रंगदारी मांगना है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट रूप से विश्वविद्यालय के अधिकारियों से रंगदारी के रूप में पांच से सात लाख रुपये देने व श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में फार्मेसी देने की मांग की है। बताया गया कि इस तरह की वार्तालाप का वीडियो भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बनाया गया है। जिसे पुलिस को सौंपा गया है। इस आधार पर छात्र चंदन सिंह नेगी छात्रसंघ अध्यक्ष, ऋषभ रावत महामंत्री एवीबीपी, पार्थ जुयाल पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, कुलदीप सिंह उर्फ साेनू, अंशुल प्रसाद, रितिक कुमार, राहुल जुयाल, आयुशी पैन्युली व अन्य शामिल हैं। वहीं, इससे पहले वाले मुकदमे में उक्त छात्र नेताओं के अतिरिक्त छात्रसंघ महासचिव नीरज रतूड़ी, आकाश, ऑक्शीमल समेत 20 से 25 अन्य छात्र आरोपी बनाए गए हैं।

एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति के विरोध में गेट पर चढ़ते छात्र। छात्रों ने प्रबंधन पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का लगाया आरोप।

डॉ. अजय कुमार खंडूरी रजिस्ट्रार एसजीआरआर विश्विवद्यालय की शिकायत में रंगदारी के अलावा कहा गया है कि वर्तमान में एसजीआरआर विश्वविद्यालय पटेलनगर कैंपस में विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा व प्रयोगात्मक परीक्षा चल रही है। कैंपस में छात्रों की ओर से धरना प्रदर्शन करने के कारण विश्वविवद्यालय में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। थानाध्यक्ष पटेलनगर कोतवाली कमल कुमार के मुताबिक शिकायत के आधार पर छात्र नेताओं सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इससे पूर्व शनिवार को भी पटेलनगर कोवताली पुलिस ने छात्रसंघ नेताओं के खिलाफ विश्वविद्यालय कैंपस में मोबाइल का इस्तेमाल व प्रदर्शन करने का मुकदमा दर्ज किया था।

100 मीटर की परिधि में धरना प्रदर्शन पर रोक
श्रीगुरुरामराय विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में एक वाद अदालत में भी दायर किया है, जिसमें चार छात्रों को प्रतिवादी बनाया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से प्रार्थनापत्र दिया गया कि छात्र 30 जनवरी से एसजीआरआर विश्वविद्यालय के पथरीबाग कैंपस में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जब इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिविल जज रिंकी साहनी की अदालत ने अग्रिम आदेश तक विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार व चारदीवारी से 100 मीटर की परिधि के भीतर किसी भी प्रकार का कोई धरना प्रदर्शन करने, तालाबंदी व यातायात अवरुद्ध करने पर रोक लगा दी है।

एसजीआरआर विश्वविद्यालय की छत पर चढ़े छात्र।

सोमवार दिनभर रहा तनाव का माहौल, पेट्रोल लेकर विवि छत पर चढ़े छात्र
एसजीआरआर छात्रसंघ पदाधिकारियों के विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार का दिन भी तनावपूर्ण रहा। दोपहर के समय दो छात्र एसजीआरआर विश्वविद्यालय की छत पर चढ़ गए थे। बताया गया कि वह पेट्रोल लेकर छत पर चढ़े थे। जिनमें छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन नेगी के साथ ही राहुल जुयाल आदि शामिल थे। दूसरी तरफ छात्रों ने एसजीआरआर कुलपति की शव यात्रा निकलकर जमकर प्रदर्शन किया। इस बात को लेकर भी कई घंटे तनातनी की स्थिति रही। शाम तक छात्रों को नीचे उतारने का जतन जारी था। हालांकि, इस बीच वार्ता का दौर भी जारी रहा और विवि प्रबंधन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद छात्रों को नीचे उतार लिया गया है।

 

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