भाजपा की याददाश्त तेज करने को भेजे बादाम, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने लोकायुक्त गठन की दिलाई याद
बादाम का गिफ्ट हैंपर लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय की तरफ किया आरआरपी कार्यकर्ताओं ने कूच

Round The Watch News: उत्तराखंड में लोकायुक्त गठन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने भाजपा सरकार को उसके पुराने वादे की याद दिलाने के लिए अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर कूच करते हुए बादाम का गिफ्ट हैंपर लेकर पहुंचे और कहा कि सरकार शायद अपना वादा “भूल” गई है, इसलिए उसे याददाश्त बढ़ाने के लिए बादाम भेजे जा रहे हैं।
सुबह करीब 10 बजे नेहरू कॉलोनी के फव्वारा चौक से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने भाजपा कार्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और “लोकायुक्त दो, वादा निभाओ” जैसे नारों से माहौल गरमा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान 100 दिनों के भीतर लोकायुक्त गठन का वादा किया था, लेकिन नौ साल बाद भी यह मुद्दा सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार सुरेश सेमवाल ने पार्टी नेताओं से ज्ञापन और बादाम का गिफ्ट हैंपर लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि यह संदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया गया।
RRP के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था का भरोसा देकर जनता से समर्थन मांगा था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने ही वादे को भूल गई। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि बादाम भेंट करना प्रतीकात्मक विरोध है। उनका कहना था कि यदि जल्द लोकायुक्त का गठन नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
उत्तराखंड आंदोलन प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला पटवाल ने कहा कि लोकायुक्त जैसी स्वतंत्र व्यवस्था के बिना भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने इसे उत्तराखंड आंदोलन की मूल भावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। इनमें शिवप्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, भगवती प्रसाद नौटियाल, भगवती प्रसाद गोस्वामी, ऊषा डोभाल, अनिल डोभाल, पंकज उनियाल, सुरेंद्र चौहान, सुशीला पटवाल, बसंती गोस्वामी, योगानंद उनियाल, मीना थपलियाल, रजनी कुकरेती, मंजू रावत, यशोदा रावत, सुमन रावत, शांति चौहान, आशा चौहान, दुर्गा नौटियाल, सत्य प्रकाश गौड़, सुरेशानंद डोभाल, रघुवीर सिंह बिष्ट और शैलेंद्र नैगी समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।



