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बबिता के दोस्तों ने बताया रात को शराब और अकेले समय बिताने की बात कहकर टेंट से बाहर निकल गई थी युवती

एमबीए छात्रा की तलाश में सेना भी उतरी, साथ आए दोस्त पुलिस हिरासत में

Amit Bhatt, Uttarakhand: उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल ट्रेकिंग रूट से लापता हुई 24 वर्षीय युवती बबिता पांडे का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। युवती की खोज के लिए सेना को भी खोजबीन के लिए उतारा गया है। वहीं, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें भी लगातार अभियान चला रही हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में ड्रोन और डॉग स्क्वायड की मदद से व्यापक तलाशी अभियान जारी है, लेकिन चौथे दिन भी कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। बबिता के दोस्त हरमानपाल और हरमनप्रीत ने परिवार और पुलिस को बताया कि 29 मई की रात उन्होंने शराब का सेवन किया था। उनके अनुसार, बबिता ने कुछ समय अकेले बिताने की इच्छा जताई और टेंट के बाहर चली गई थीं। उनका कहना है कि जब सुबह करीब चार बजे उनकी नींद खुली तो बबिता वहां मौजूद नहीं थीं। खोजबीन के दौरान घटनास्थल से बबिता का बैग बरामद हुआ, लेकिन उनका मोबाइल फोन और स्वयं बबिता अब तक नहीं मिली हैं।

दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर गई थी बबिता
नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव की रहने वाली बबिता पांडे 25 मई को अपने दो मित्रों हरमनपाल (रुद्रपुर निवासी) और हरमनप्रीत (शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश निवासी) के साथ उत्तरकाशी घूमने के लिए निकली थीं। परिजनों के अनुसार, तीनों ने पहले हर्षिल क्षेत्र का भ्रमण किया और इसके बाद दयारा बुग्याल ट्रेक पर गए। बताया गया है कि 29 मई की रात तीनों ट्रेकिंग के दौरान ‘गोई’ नामक पड़ाव पर रुके थे। अगले दिन सुबह बबिता अचानक लापता मिलीं।

परिवार ने जताई अनहोनी की आशंका
बबिता के भाई हर्षित पांडे ने मनेरी थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में गंभीर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उनकी बहन दोनों दोस्तों के साथ ट्रेक पर गई थीं, इसलिए उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों साथियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

जांच में सामने आया फर्जी परमिट का मामला
मामले की जांच के दौरान जिला पर्यटन विभाग को ट्रेकिंग से जुड़ी एक बड़ी अनियमितता का पता चला है। अधिकारियों के अनुसार, जिस ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से यह दल ट्रेक पर गया था, उसने कथित तौर पर फर्जी अनुमति पत्र का उपयोग किया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पुराने परमिट में संशोधन कर बबिता और उनके साथियों के नाम जोड़े गए थे। क्यूआर कोड सत्यापन के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी गई। इसके बाद संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

खोज अभियान में जुटी कई एजेंसियां
युवती की तलाश के लिए विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। घने जंगलों, खाइयों और कठिन पहाड़ी इलाकों में ड्रोन सर्वेक्षण के साथ-साथ खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही है। पुलिस को अब तक बबिता की चप्पल और पहचान पत्र मिले हैं, लेकिन उनका मोबाइल फोन अभी भी बंद है और उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

बबिता पांडे कौन हैं ?
24 वर्षीय बबिता पांडे नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव की निवासी हैं। वह दिल्ली में एमबीए की पढ़ाई कर रही थीं। परिजनों के अनुसार, हाल के समय में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी और विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा तथा ट्रेकिंग गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही थीं। फिलहाल पूरा प्रशासनिक तंत्र युवती की तलाश में जुटा हुआ है और मामले की हर संभावित दिशा से जांच की जा रही है।

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