उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: राफ्टिंग नियमावली से लेकर भूमिधरी अधिकार तक अहम निर्णय
पिथौरागढ़ तकनीकी संस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण, पीएम पोषण योजना के तहत श्रीनगर में बनेगा केंद्रीकृत किचन
Rajkumar Dhiman, Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने शिक्षा, खेल पर्यटन, वित्त, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, कुंभ मेला-2027 और भूमि अधिकारों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट ने नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान, पिथौरागढ़ के मढ़धुरा परिसर के आसपास की भूमि संस्थान को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी। संस्थान के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई है।
राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा पीएम पोषण योजना के तहत पौड़ी जिले के श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा केंद्रीकृत रसोई (सेंट्रलाइज्ड किचन) के माध्यम से विद्यालयों को पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया। वहीं कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए आवश्यक पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। साथ ही वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पदों के सृजन तथा विदेश रोजगार योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन के साथ सात पदों के सृजन को स्वीकृति मिली।
कैबिनेट ने बाबूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता क्षेत्र के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति सभी पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरबी मदरसों की अनुदान योजना के बजट प्रावधान को समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार, वित्तीय प्रबंधन, शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



