क्रिकेटर शमी और हसीन जहां की शादी तोड़ने में उत्तराखंड के विधायक का नाम आया, हसीन ने लगाए आरोप
2018 में सुलह की कोशिश नाकाम कराने का दावा, पुलिस-प्रशासन को प्रभावित करने के भी आरोप

Rajkumar Dhiman, Dehradun: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। तीन दिन पहले शमी और उनके बड़े भाई हसीब के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाली हसीन जहां ने अब खानपुर विधायक उमेश शर्मा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। हसीन का दावा है कि वर्ष 2018 में जब शमी अपनी गलतियों को स्वीकार कर परिवार में लौटने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान विधायक के हस्तक्षेप से दोनों के बीच सुलह की संभावना खत्म हो गई।
2018 में सुलह की कोशिश के दौरान विधायक के हस्तक्षेप का दावा
हसीन जहां के मुताबिक, शमी के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश चल रही थी और बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही थी। उनका आरोप है कि उमेश शर्मा के दखल के बाद पति-पत्नी के बीच दूरी और बढ़ती चली गई। हसीन का कहना है कि इस पूरे विवाद का सबसे ज्यादा असर उनकी बेटी पर पड़ा।
शमी को बचाने के नाम पर आर्थिक लाभ लेने का आरोप
हसीन जहां ने शनिवार को फोन पर बातचीत में आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में कानूनी विवाद के दौरान शमी ने उमेश शर्मा की मदद ली थी। हसीन का दावा है कि शमी को कानूनी मुश्किलों से बचाने के नाम पर विधायक ने उनसे भारी आर्थिक लाभ लिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने का भी लगाया आरोप
हसीन ने विधायक पर पुलिस और प्रशासन को प्रभावित करने के भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि उमेश शर्मा कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहे हैं और कथित तौर पर पुलिस-प्रशासन पर दबाव डालकर गैरकानूनी काम करवाते हैं।
फार्म हाउस दुष्कर्म मामले पर भी उठाए सवाल
हसीन जहां ने अमरोहा के झूलपुर गांव स्थित उमेश शर्मा के फार्म हाउस से जुड़े चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि फार्म हाउस विधायक का है तो वहां हुई घटना की जिम्मेदारी और भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
2012 में कोलकाता में हुई थी शमी से पहली मुलाकात
हसीन जहां ने अपने और मोहम्मद शमी के रिश्ते की शुरुआत का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, वर्ष 2012 में कोलकाता में पहली बार उनकी मुलाकात शमी से हुई थी। उस समय शमी आईपीएल खेल रहे थे। एक मैच के दौरान दोनों की जान-पहचान हुई और उन्होंने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। इसके बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। हसीन के मुताबिक, शमी ने बाद में उन्हें अपने परिवार से मिलवाया। परिवार का व्यवहार उन्हें पसंद आया और दोनों कुछ समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। बाद में दोनों ने निकाह करने का फैसला किया।
शादी के बाद दूसरी लड़कियों से रिश्ते का आरोप
हसीन के मुताबिक, निकाह के बाद वह अपनी ससुराल में रहीं और अधिकांश समय शमी के साथ बिताया। उनका आरोप है कि समय बीतने के साथ उन्हें शमी के कथित पुराने रिश्तों के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद भी शमी की जिंदगी में दूसरी लड़कियां थीं। हसीन के अनुसार, बेटी के जन्म के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि शमी के पास पैसा और प्रसिद्धि आने के बाद परिवार के कुछ लोग उनकी शादी खत्म कराने के पक्ष में हो गए।
तलाक लेकर अभिनेत्री से शादी करना चाहते थे शमी: हसीन
हसीन जहां का दावा है कि शमी खुद को प्रसिद्ध क्रिकेटर बनने के बाद उनसे तलाक लेना चाहते थे। उनका आरोप है कि शमी किसी अभिनेत्री या बड़ी हस्ती से शादी करने की इच्छा रखते थे।
शमी के भाई पर भी लगाए गंभीर आरोप
हसीन ने मोहम्मद शमी के बड़े भाई हसीब को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि हसीब चाहते थे कि शमी उनकी साली से शादी करें, जिससे शमी की संपत्ति और पैसा परिवार के भीतर ही रहे।
हसीन ने आरोप लगाया कि उनकी वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा था और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए उनके भाई की ओर से कथित तौर पर कई हमले करवाए गए। हसीन का कहना है कि वह इन कथित हमलों से बचती रहीं।
निष्पक्ष जांच की मांग, आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब अहम
हसीन जहां ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस-प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विधायक की कथित भूमिका के साथ फार्म हाउस से जुड़े मामले की भी गहराई से जांच की मांग की है।
हसीन जहां के ये आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं हुई है। मोहम्मद शमी, उनके भाई हसीब और विधायक उमेश शर्मा का पक्ष भी इस खबर में शामिल नहीं है। ऐसे में मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।



