
Rajkumar Dhiman, Dehradun: समर वैली स्कूल में छात्राओं के साथ कथित बैड टच के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 11वीं की छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने फिजिक्स के शिक्षक रवींद्र भृगु के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। छात्रा ने अपनी मां के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया है। यह कार्रवाई सीएम धामी के सख्त निर्देशों के बाद ततपरता से की गई। इस बीच आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर सफाई दी और जाने-अनजाने हुई गलती के लिए माफी मांगी है। शनिवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग उठाई।
15 छात्राओं के हस्ताक्षर के साथ प्रबंधन को दी थी शिकायत
पीड़ित छात्रा के मुताबिक, स्कूल में फिजिक्स के शिक्षक और क्लास टीचर रवींद्र भृगु लड़के-लड़कियों को कथित तौर पर गलत तरीके से छूते थे। छात्रा ने हिम्मत जुटाकर 15 अन्य छात्राओं के हस्ताक्षर वाली लिखित शिकायत 15 अक्टूबर को स्कूल प्रबंधन को सौंपी थी। आरोप है कि प्रिंसिपल ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर उसे नौकरी से हटाने का भरोसा दिया, लेकिन छात्रा पर यह दबाव भी बनाया कि वह घटना के बारे में घर पर किसी को न बताए।
छात्रा का कहना है कि 16 अक्टूबर को जब वह स्कूल पहुंची तो आरोपी शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद उसे प्रिंसिपल के कार्यालय में बुलाया गया, जहां डायरेक्टर अशोक वासु, प्रिंसिपल और एक अन्य महिला शिक्षक मौजूद थीं।
डायरेक्टर पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
छात्रा के आरोपों के अनुसार, बातचीत के दौरान डायरेक्टर अशोक वासु ने उससे कहा, “घर में आपके पिताजी भी तो आपको टच करते हैं… अगर टीचर ने गलत जगह टच किया है तो मुझे उसी जगह टच करके दिखाओ।”
छात्रा का यह भी आरोप है कि डायरेक्टर ने उस पर 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से जबरन हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया और कहा कि कोई उसका साथ नहीं देगा। इस घटनाक्रम से डरी छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया।
मां के साथ स्कूल पहुंची तो बंधक बनाने का आरोप
छात्रा के मुताबिक, डर और तनाव के कारण जब उसने स्कूल जाने से इनकार किया तो मां को पूरी घटना बताई। शुक्रवार सुबह मां अपनी बेटी के साथ स्कूल पहुंची और प्रबंधन से जवाब मांगा। आरोप है कि इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मां-बेटी को धमकाया और कई घंटे तक स्कूल के भीतर बंधक बनाए रखा।
इस दौरान डालनवाला पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की टीम भी बंद कमरे में स्कूल प्रबंधन के साथ बातचीत करती रही। मां-बेटी को बाहर नहीं आने देने पर मां ने मीडियाकर्मियों से मदद मांगी। मीडिया के पहुंचने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मुख्य गेट नहीं खोला। आरोप है कि छुट्टी के बाद ही मां-बेटी को बाहर जाने दिया गया।
शिकायत की कॉपी नहीं देने और सीसीटीवी फुटेज हटाने का आरोप
परिवार ने 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली मूल शिकायत की प्राप्ति या उसकी फोटोकॉपी मांगी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर इससे इनकार कर दिया। मौके पर मौजूद पत्रकारों और प्रिंसिपल के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद छात्रा को कागज और पेन दिया गया, ताकि वह दोबारा शिकायत लिख सके।
परिजनों और पत्रकारों ने यह आरोप भी लगाया कि घटना की जांच के लिए महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज स्कूल प्रबंधन ने हटा दिए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद फिजिक्स शिक्षक रवींद्र भृगु ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “25 साल के मेरे फिजिक्स टीचिंग करियर में यह पहली बार हुआ है कि किसी ने मुझ पर ऐसा कोई आरोप लगाया हो। मैं अपने तहे दिल से बच्चों को अपने बेटे-बेटी के समान मानता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “अगर जाने-अनजाने कोई त्रुटि हुई है तो मैं तहे दिल से क्षमा प्रार्थी हूं।”
स्कूल के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग
मामले को लेकर शनिवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समर वैली स्कूल के गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल में एक साल से इस तरह की घटनाएं हो रही थीं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान यह मांग भी उठाई गई कि डायरेक्टर अशोक वासु सार्वजनिक रूप से और स्कूल की असेंबली में सभी बच्चों के सामने माफी मांगें। साथ ही विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए कि इस तरह के किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी वे बिना किसी डर के अपने अभिभावकों और पुलिस को दें।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, छात्रा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



