
Round The Watch News: चकराता विधानसभा क्षेत्र के वायरल ऑडियो प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। त्यूणी निवासी बालक राम की तहरीर पर 25 अक्टूबर को त्यूणी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने दोनों पर गाली-गलौज करने, अपमानित करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने का दबाव बनाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, छुमरा गांव, खत देवगार निवासी बालक राम ऊर्जा निगम के चकराता उपखंड के त्यूणी उपकेंद्र में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सात अक्टूबर 2026 को शाम करीब 8:30 बजे और 9:15 बजे उन्हें फोन कॉल किए गए। कथित बातचीत के दौरान उन पर अपनी दोनों बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए दबाव बनाया गया। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
बालक राम का दावा है कि फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल में सुरक्षित है। प्रकरण से संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्टों में बिजली उपकेंद्र पर पहुंचकर अभद्रता और धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसएसपी से मिले बालक राम, मधु चौहान भी रहीं साथ
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बालक राम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और भाजपा के अन्य नेताओं के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल से मुलाकात की थी। उन्होंने शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। एसएसपी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद त्यूणी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित की बेटी से की बातचीत
मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संज्ञान लिया था। 24 अक्टूबर को उन्होंने बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत कर प्रकरण की जानकारी ली और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया।
चमन सिंह ने ऑडियो को एडिटेड बताने का किया था दावा
वायरल ऑडियो को लेकर चमन सिंह की ओर से इसे एडिटेड बताए जाने की बात भी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। उनके दावे के मुताबिक, बातचीत का एक हिस्सा हटाया गया था, जिसमें कथित तौर पर बालक राम ने उनके परिवार और उनके भाई के खिलाफ अपशब्द कहे थे। हालांकि, ऑडियो की प्रमाणिकता और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे तथ्य
त्यूणी थाना प्रभारी कुलदीप शाह ने बताया कि बालक राम की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(3) और 352 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। कथित ऑडियो की सत्यता, बातचीत के पूरे संदर्भ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



