सचिवालय को मिलेगी नई इमारत, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
बेसमेंट में 125 वाहनों की पार्किंग, बैंक-डाकघर से लेकर सचिवों के कार्यालय और बैठक कक्ष तक की होगी सुविधा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: सचिवालय में कार्यालयों की कमी और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए धामी सरकार 59.34 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सचिवालय परिसर में विश्वकर्मा भवन के निकट छह मंजिला वैकल्पिक भवन तैयार किया जा रहा है। इसमें बेसमेंट में पार्किंग, भूतल पर बैंक और डाकघर तथा ऊपरी मंजिलों पर विभिन्न स्तर के अधिकारियों के कार्यालय और बैठक कक्ष बनाए जा रहे हैं। परियोजना का 60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार ने मार्च 2027 तक भवन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन इस परियोजना का उद्देश्य सचिवालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करना और कार्यालयी व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। भवन तैयार होने के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों और सचिवालय पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी।
59.34 करोड़ की परियोजना, 1.04 लाख वर्गफुट में निर्माण
भवन निर्माण के लिए 26 मार्च 2025 को शासनादेश जारी किया गया था। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 5934.71 लाख रुपये है। इसमें 4127.05 लाख रुपये सिविल कार्यों और 1807.26 लाख रुपये विद्युतीकरण के लिए निर्धारित किए गए हैं।
भवन का निर्माण 34 गुणा 74 मीटर आकार के प्लॉट पर किया जा रहा है। इसके लिए 2516 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध है। बेसमेंट सहित भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,04,480 वर्गफुट होगा। छह मंजिला इस भवन में अधिकारियों के पद और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार कार्यालयों की व्यवस्था की जा रही है।
बेसमेंट में 125 वाहनों की पार्किंग
सचिवालय परिसर में वाहनों की पार्किंग की जरूरत को देखते हुए भवन के बेसमेंट में 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त पार्किंग स्थान उपलब्ध होगा।
भूतल पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, डाकघर, एक्सटेंशन लॉबी और प्रतीक्षालय प्रस्तावित हैं। इससे सचिवालय में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को बैंकिंग तथा डाक संबंधी कार्यों के लिए परिसर में ही सुविधाएं मिल सकेंगी।
पहली-दूसरी मंजिल पर सात-सात अनुभागीय कार्यालय
भवन की पहली मंजिल पर सात अनुभागीय कार्यालय और चार अनुसचिव कार्यालय बनाए जाने का प्रावधान है। दूसरी मंजिल पर भी इसी तरह की कार्यालयीय व्यवस्था प्रस्तावित है। दोनों मंजिलों का क्षेत्रफल 14,934 वर्गफुट प्रति मंजिल निर्धारित किया गया है।
तीसरी मंजिल पर पांच अपर सचिवों के कार्यालय, उनके स्टाफ कार्यालय, संयुक्त सचिवों के कार्यालय और एक बैठक कक्ष की व्यवस्था होगी। चौथी मंजिल का क्षेत्रफल भी तीसरी मंजिल के बराबर 14,934 वर्गफुट है।
पांचवीं मंजिल पर सात सचिवों के कार्यालय बनाए जाएंगे। इसके साथ स्टाफ कार्यालय, प्रतीक्षालय और बैठक कक्ष की सुविधा भी होगी। इस व्यवस्था से विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के लिए कार्यालय और उनसे जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही भवन में उपलब्ध होंगी।
स्ट्रक्चर पूरा, प्लास्टर का काम 90 प्रतिशत
विभागीय विवरण के अनुसार, भवन का जी+5 स्तर तक स्ट्रक्चरल कार्य पूरा हो चुका है। आंतरिक ब्लॉक चिनाई का काम भी पूरा कर लिया गया है, जबकि प्लास्टर का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
फिलहाल बाहरी प्लास्टर, टेरेस पर हेवी ट्रस लगाने, शौचालयों में प्लंबिंग और अतिरिक्त विद्युतीकरण का काम चल रहा है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत दर्ज की गई है। निर्माण पूरा करने की समयसीमा मार्च 2027 निर्धारित की गई है।
डॉ. आर. राजेश कुमार बोले—समयसीमा में पूरा करने का प्रयास
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सचिवालय परिसर में छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण इसी प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि भवन में कार्यालयों के साथ बैठक कक्ष, पार्किंग, बैंक और डाकघर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग होगा और कार्यालयी कार्यों को सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रयास है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा कर भवन का उपयोग जल्द शुरू किया जा सके।




