
Round The Watch News: राजधानी के प्रतिष्ठित समर वैली स्कूल में 11वीं की छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) के शिक्षक रवींद्र भृगु की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। छात्रा की मां की लिखित शिकायत पर पुलिस ने शिक्षक और स्कूल के अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज कर ली है। इस बीच शिक्षक के पूर्व कार्यस्थल राजा राममोहन राय अकादमी की पूर्व छात्राओं ने भी इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट साझा कर उनके व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में छात्राओं ने दावा किया है कि शिक्षक पहले भी छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करते थे और शिकायत के बाद वर्ष 2019 में उन्हें स्कूल से हटाया गया था। यह आरोप बताते हैं कि समर वैली स्कूल प्रबंधन जिस तरह आरोपी शिक्षक का बचाव कर रहा था, उसने छेड़खानी की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया। इससे पहले ही समर वैली/सन वैली पर विभिन्न मनमाने रवैये के आरोप भी लगते रहे हैं।
पूर्व छात्राओं ने साझा किए अपने अनुभव
राजा राममोहन राय अकादमी की पूर्व छात्राओं की ओर से इंटरनेट मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में शिक्षक पर कक्षा के दौरान छात्राओं को अनुचित तरीके से छूने और अभद्र टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए हैं। इन पोस्ट में छात्राओं ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया है कि शिक्षक का व्यवहार लंबे समय से अनुचित था।
एक पूर्व छात्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वर्ष 2019 में वह अकादमी में कक्षा 10 की छात्रा थी और रवींद्र भृगु उसे भौतिक विज्ञान पढ़ाते थे। छात्रा का दावा है कि उसने शिक्षक को कक्षा में छात्राओं के साथ बार-बार अनुचित व्यवहार करते देखा था। उसने अपने साथ हुई एक घटना के संबंध में तत्कालीन प्रधानाचार्य को लिखित शिकायत भी दी थी। छात्रा के अनुसार, उसने स्कूल प्रबंधन को यह भी बताया था कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह अपने पिता को इसकी जानकारी देगी। छात्रा ने पोस्ट में दावा किया कि इसी वर्ष शिक्षक से इस्तीफा देने को कहा गया था, ताकि वह कहीं और नौकरी तलाश सकें। उसने सवाल उठाया कि पहले भी शिकायतों के बावजूद शिक्षक को दूसरे संस्थान में नौकरी कैसे मिल गई।
परीक्षा के दौरान गलत तरीके से छूने का आरोप
एक अन्य पूर्व छात्रा ने अपनी पोस्ट में वर्ष 2014 की घटना का जिक्र किया है। उसके अनुसार, रवींद्र भृगु उस समय उसके भौतिक विज्ञान के शिक्षक थे। छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने कई बार उसे अनुचित तरीके से छुआ। इनमें परीक्षा के दौरान हुई एक घटना भी शामिल थी। छात्रा ने लिखा कि घटना के दौरान वह घबरा गई थी और समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है। इसका असर उसकी परीक्षा पर भी पड़ा। उसने दावा किया कि शिक्षक की कथित हरकतों से परेशान होकर उसने स्कूल प्रशासन से औपचारिक शिकायत की थी। इसके साथ ही कम से कम 15 से 20 छात्राओं के हस्ताक्षर वाला पत्र भी सौंपा था।
पोस्ट के अनुसार, शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने छात्राओं से शिक्षक के परिवार के बारे में सोचने को कहा था। छात्रा का दावा है कि बाद में शिक्षक को केवल दूसरी कक्षा में भेज दिया गया या उनकी जगह दूसरा शिक्षक नियुक्त कर दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य शिक्षकों ने उसे शिकायत नहीं करने की सलाह दी थी।
छात्राओं की पीठ छूने के बहाने तलाशने का दावा
एक अन्य पूर्व छात्रा ने पोस्ट में लिखा कि उसने शिक्षक को कक्षा के सामने छात्राओं की पीठ छूने के मौके तलाशते हुए देखा था। उसके अनुसार, उस समय वह इस व्यवहार को अनुचित मानती थी, लेकिन छात्राएं खुलकर आवाज नहीं उठा पाई थीं। छात्रा ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में कई पूर्व छात्र-छात्राओं ने भी शिक्षक के व्यवहार को लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं। उसने अपनी पोस्ट में वर्ष 2019 की एक घटना का उल्लेख करते हुए लिखा कि उसके छोटे भाई ने भी शिक्षक को अपनी एक महिला सहपाठी के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करते देखा था। समर वैली स्कूल में सामने आए ताजा मामले के बाद राजा राममोहन राय अकादमी की पूर्व छात्राओं की ये पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में हैं। हालांकि, पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व स्कूल ने शिक्षक को हटाने की पुष्टि की
इंटरनेट मीडिया पर सामने आए दावों के बीच राजा राममोहन राय अकादमी के प्रबंधन ने पुष्टि की है कि रवींद्र भृगु वहां शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और कुछ वर्ष पहले उन्हें स्कूल से हटा दिया गया था। प्रबंधन ने इस संबंध में कैमरे के सामने बयान देने से इन्कार किया है। समर वैली स्कूल में सामने आए मामले के बाद पूर्व छात्राओं की ओर से साझा किए जा रहे अनुभवों ने शिक्षक के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विरोध प्रदर्शन, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग
समर वैली स्कूल में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ के मामले को लेकर शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस और एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के गेट पर प्रदर्शन कर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस बीच पीड़ित छात्रा की मां ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर शनिवार देर शाम पुलिस ने आरोपी शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली।
स्कूल ने शिक्षक को निलंबित करने का किया दावा
समर वैली स्कूल की एसोसिएट डायरेक्टर पारुल गोयल ने वीडियो जारी कर बताया कि 15 अक्टूबर को प्रधानाचार्य को शिकायत मिली थी। इसके बाद स्कूल ने तत्काल एक कमेटी गठित की और आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल के लिए सर्वोपरि है। हालांकि, छात्रा की ओर से किए गए दावे के अनुसार, उसने 15 अक्टूबर को स्कूल में शिकायत दी थी, लेकिन 16 अक्टूबर को जब वह स्कूल पहुंची तो आरोपी शिक्षक पढ़ा रहे थे। छात्रा के अनुसार, मीडिया में मामला आने और पुलिस में लिखित शिकायत दिए जाने के बाद ही कार्रवाई हुई।
आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
आरोपी शिक्षक रवींद्र भृगु ने भी वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भौतिक विज्ञान पढ़ाने के 25 वर्ष के करियर में पहली बार किसी ने उन पर इस तरह का आरोप लगाया है। शिक्षक ने कहा कि वह बच्चों को अपने बेटे-बेटियों के समान मानते हैं और अपने व्यवहार को लेकर माफी मांगते हैं। फिलहाल, मामले में पुलिस की प्राथमिकी और पूर्व छात्राओं की ओर से इंटरनेट मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बीच जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।



