
Round The Watch News: सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस हेवनली फुटहिल्स कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर पंकज मित्तल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने चर्चित और विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पंकज के भाई अजय मित्तल की तहरीर पर रायपुर थाने में यह कार्रवाई की गई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि व्यापारिक लेनदेन के विवाद में पुनीत अग्रवाल ने पंकज को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ निवासी अजय मित्तल के अनुसार, उन्हें 26 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे भाई की मौत की सूचना मिली। वह एक मित्र के साथ देहरादून पहुंचे तो पंकज के सिर पर गंभीर चोट थी। पुलिस और अन्य लोगों से उन्हें जानकारी मिली कि पंकज एक इमारत से नीचे गिरे हुए मिले थे।
सुसाइड नोट में पुनीत अग्रवाल का नाम
अजय मित्तल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई ने एक कथित सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें अपनी मौत के लिए पुनीत अग्रवाल को जिम्मेदार ठहराया गया है। तहरीर के अनुसार, दोनों के बीच व्यापारिक लेनदेन था। अजय ने आरोप लगाया कि इसी विवाद में उनके भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
व्हाट्सएप संदेशों में भी लगाए थे गंभीर आरोप
घटना से पहले पंकज मित्तल की ओर से कई लोगों को भेजे गए व्हाट्सएप संदेश भी सामने आए थे। इनमें उन्होंने आर्थिक नुकसान, रकम वापस नहीं मिलने और मानसिक परेशानी का जिक्र किया था। संदेशों में दावा किया गया कि रकम पुनीत अग्रवाल की कंपनी स्तुति कंस्ट्रक्शन के बैंक खाते में जमा कराई गई थी। इसके अलावा, संदेशों में अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस की जांच में अब सुसाइड नोट, व्हाट्सएप संदेशों, आर्थिक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका होगी। मुकदमा दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि, बिल्डर पुनीत पर आरोपों का यह मामला नया नहीं है।
इससे पहले कॉलोनी अध्यक्ष समेत अन्य निवासियों के साथ मारपीट, अभद्रता, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण जैसे तमाम मामलों में पुनीत अग्रवाल का नाम जुड़ता रहा है। उनके कई वीडियो आज भी वायरल हो रहे हैं। इसके अलावा पुनीत को तड़ीपार किए जाने के आदेश के बाद भी वह शहर और अपने घर पर नजर आते रहे हैं। इस मामले में पुलिस के संबंधित अधिकारी भी असहाय नजर आते रहे।



