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हेलीकॉप्टर हादसा: एक दिन पहले ही बद्रीनाथ से लौटना चाहते थे श्रद्धालु, मौसम ने रोका

हादसे पर यूकाडा की उच्च स्तरीय बैठक आज, AIB करेगा हादसे की जांच, ट्रांस भारत एविएशन का पूरा बेड़ा ग्राउंड

Round The Watch News: बद्रीनाथ धाम से देहरादून लौट रहे हेलिकॉप्टर के शुक्रवार दोपहर चमोली जिले में दुर्घटनाग्रस्त होने से छह लोगों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वालों में 48 वर्षीय पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और कर्नाटक के पांच श्रद्धालु शामिल हैं। हेलिकॉप्टर बद्रीनाथ से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद संपर्क से बाहर हो गया था। बाद में ज्योतिर्मठ क्षेत्र में चाय गांव के पास पहाड़ी पर उसका मलबा मिला। दुर्घटना के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई और घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।

इस हादसे से जुड़ा एक बेहद भावुक पहलू सामने आया है। हेलिकॉप्टर से यात्रा करने वाले श्रद्धालु एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही बद्रीनाथ से वापस लौटना चाहते थे, लेकिन खराब मौसम के चलते हेली सेवा बंद होने के कारण उन्हें धाम में रुकना पड़ा। अगले दिन मौसम कुछ खुला तो उन्होंने देहरादून के लिए उड़ान भरी, लेकिन कुछ ही देर बाद हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया।

हादसे में बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) में तैनात इंस्पेक्टर अरुण सालुंके की भी मौत हुई है। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। दुर्घटना की जांच अब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) करेगा। एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों को ग्राउंड कर दिया गया है।

गुरुवार को ही लौट जाते तो शायद बच जाती जान
हेली सेवा से जुड़े एक कर्मचारी के मुताबिक, कर्नाटक से आए श्रद्धालुओं का हेलिकॉप्टर गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बद्रीनाथ धाम पहुंचा था। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने आसपास के क्षेत्र का भ्रमण किया।

घूमने के बाद जब वे लौटे तो उन्होंने हेली सेवा के स्टाफ से पूछा कि क्या वे उसी दिन वापस जा सकते हैं। श्रद्धालु गुरुवार को ही देहरादून लौटना चाहते थे, लेकिन उस दिन बद्रीनाथ सहित चारों धामों में मौसम खराब हो गया था। बर्फबारी के चलते हेली सेवाएं बंद कर दी गईं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बद्रीनाथ में ही रुकना पड़ा।

अगले दिन शुक्रवार को मौसम में कुछ सुधार दिखा, लेकिन दृश्यता कम होने के कारण उड़ान में देरी हुई। आखिरकार दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर हेलिकॉप्टर ने बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरी।

उड़ान के कुछ देर बाद टूटा संपर्क, पहाड़ी पर मिला मलबा
ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर शुक्रवार दोपहर बद्रीनाथ से सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ था। हेलिकॉप्टर को कैप्टन हिमांशु सभरवाल उड़ा रहे थे। इसमें कर्नाटक के निवासी पांच श्रद्धालु सवार थे।

उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। करीब दो बजे के आसपास उसकी लोकेशन भी ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखनी बंद हो गई। इसके बाद लास्ट लोकेशन के आधार पर दो हेलिकॉप्टर तत्काल तलाश के लिए भेजे गए।

दोपहर 2 बजकर 24 मिनट पर SDRF की टीमें जोशीमठ और पांडुकेश्वर से रवाना हुईं। पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियों ने भी तलाश शुरू की।

करीब तीन बजे पहाड़ी पर चट्टानों के बीच हेलिकॉप्टर का मलबा मिला। दुर्घटना के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई थी। शाम पायलट सहित सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि कर दी गई।

हादसे से पहले पहाड़ी पर मौजूद लोगों ने हेलिकॉप्टर के तेजी से नीचे गिरने का वीडियो भी बनाया। वीडियो में हेलिकॉप्टर ऊंचाई से पहाड़ की ओर गिरता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर चट्टानों से टकराया और इसके बाद उसमें आग लग गई।

दुर्घटनास्थल ज्योतिर्मठ क्षेत्र में चाई गांव के पास बताया गया है। हेलिकॉप्टर बद्रीनाथ से सहस्रधारा के लिए उड़ान भर रहा था और इसी दौरान जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका संपर्क टूट गया था।

हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों की पहचान
हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक पायलट और पांच यात्री शामिल हैं। पांचों यात्री कर्नाटक के निवासी थे, जबकि पायलट दिल्ली का रहने वाला था।

मृतक का नाम| उम्र| पहचान/स्थान
-कैप्टन हिमांशु सभरवाल| 48 वर्ष| पायलट, दिल्ली निवासी
-प्रथापा बच्चिहल्ली निंगराजू| 41 वर्ष| कर्नाटक, हासन के कारोबारी
-अरुण सालुंके| 44 वर्ष| बेंगलुरु CCB के पुलिस इंस्पेक्टर
-वीबी शंकर गौड़ा| 39 वर्ष| कर्नाटक निवासी, अधिवक्ता
-सुधीर के.| 50 वर्ष| कर्नाटक निवासी, अधिवक्ता
-एचएस नटराज| 51 वर्ष| तुमकुरु निवासी, पोल्ट्री कारोबारी

कैप्टन हिमांशु सभरवाल, 48 वर्ष
हेलिकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल दिल्ली के निवासी थे। हादसे के वक्त वह बद्रीनाथ से सहस्रधारा के लिए उड़ान संचालित कर रहे थे। दुर्घटना में उनकी भी मौत हो गई।

प्रथापा बच्चिहल्ली निंगराजू, 41 वर्ष
प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजू कर्नाटक के हासन के कारोबारी बताए गए हैं। वह बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बाद हेलिकॉप्टर से देहरादून लौट रहे थे। उड़ान से पहले उनका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह हेलिकॉप्टर में बैठकर सेल्फी वीडियो बनाते दिखाई दिए।

अरुण सालुंके, 44 वर्ष
अरुण सालुंके बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। वह 2007 बैच के अधिकारी थे। उनकी मौत से बेंगलुरु पुलिस महकमे में शोक है।

अरुण सालुंके राममूर्तिनगर के रहने वाले थे। उन्होंने इंदिरा नगर और बनासवाड़ी सहित बेंगलुरु के कई पुलिस थानों में इंस्पेक्टर के तौर पर काम किया था। कुछ महीनों से वह CCB के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन डिवीजन में तैनात थे।

उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। अरुण सालुंके छुट्टी पर बद्रीनाथ की यात्रा पर आए थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वीबी शंकर गौड़ा, 39 वर्ष
वीबी शंकर गौड़ा कर्नाटक के निवासी थे और पेशे से अधिवक्ता बताए गए हैं। वह बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहे पांच यात्रियों में शामिल थे।

सुधीर के., 50 वर्ष
सुधीर के. भी कर्नाटक के निवासी थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह पेशे से अधिवक्ता थे। हादसे में उनकी भी जान चली गई।

एचएस नटराज, 51 वर्ष
एचएस नटराज तुमकुरु के निवासी बताए गए हैं। वह पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े थे। बद्रीनाथ से लौटते समय हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।

AAIB करेगा हादसे की जांच, ब्लैक बॉक्स की तलाश जारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। AAIB भारत में नागरिक विमानन दुर्घटनाओं की जांच करने वाली अधिकृत एजेंसी है। यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।

दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांचकर्ता घटनास्थल से साक्ष्य जुटाएंगे। हेलिकॉप्टर के तकनीकी रिकॉर्ड, उड़ान के दौरान की परिस्थितियों और संचालन संबंधी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स अभी नहीं मिला है। उसकी तलाश जारी है। ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जानकारी दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

जांच में मुख्य रूप से इन पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
– मौसम की स्थिति: उड़ान के समय दृश्यता, बादल, हवा की गति, बारिश, बर्फबारी और अन्य मौसमी परिस्थितियां कैसी थीं?
– पायलट का निर्णय: क्या पायलट को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों की जानकारी थी? क्या वापस लौटने या सुरक्षित स्थान पर उतरने का विकल्प उपलब्ध था?
– तकनीकी खराबी: क्या इंजन, रोटर, नेविगेशन सिस्टम, संचार उपकरण या अन्य तकनीकी हिस्सों में कोई खराबी थी?
– फ्लाइट डेटा और रिकॉर्ड: उपलब्ध उड़ान रिकॉर्ड, ट्रैकिंग डेटा और संचार संबंधी जानकारी का विश्लेषण किया जाएगा।
– ऑपरेटर की जिम्मेदारी: उड़ान से पहले मौसम की जानकारी, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति, पायलट की ड्यूटी और सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा होगी।

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