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किसान पिता को मिला 1.77 करोड़ का मुआवजा, बेटे ने ऑनलाइन गेमिंग में गंवाए, गटका जहर

दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे में अधिग्रहीत की गई भूमि के बदले मिला था मुआवजा, अब साइबर ठगों ने दी परिवार को बड़ी चोट

Divij Bahuguna, dehradun: ऑनलाइन गेमिंग और दोगुना मुनाफा कमाने के लालच ने हरिद्वार जिले के एक परिवार को भारी नुकसान पहुंचा दिया। झबरेड़ा थाना क्षेत्र के 18 वर्षीय युवक ने गेमिंग ऐप और वेबसाइट के झांसे में आकर अपने किसान पिता के 1.77 करोड़ रुपये ऑनलाइन ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह रकम किसान पिता को जमीन के मुआवजे के रूप में मिली थी। मामले में देहरादून स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत में युवक अभिमन्यु ने बताया कि जनवरी 2025 में उसने प्ले स्टोर से स्पोर्ट्स बाजी, प्रोबो और ड्रीम 11 जैसी गेमिंग ऐप डाउनलोड की थीं और उन पर पैसे लगाना शुरू किया। जून 2025 में इन प्लेटफॉर्म्स के बंद होने के बाद उसने यूट्यूब पर “विन अड्डा” नाम की एक नई गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा। वेबसाइट डाउनलोड करने के बाद उसने अपनी निजी जानकारी दर्ज कर दी।

इसके बाद उसके व्हाट्सऐप पर विदेशी कोड वाले नंबरों (+237, +234, +94 आदि) से कई वीआईपी लिंक भेजे जाने लगे। ठगों ने उसे कम रकम लगाकर दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में उसे थोड़ी-बहुत रकम का फायदा भी दिखाया गया, जिससे युवक को उन पर भरोसा हो गया।

विश्वास में आने के बाद युवक ने अपने और पिता के पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के पांच अलग-अलग खातों से यूपीआई के जरिए लगातार पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उसने कुल 1.77 करोड़ रुपये ठगों के खातों में भेज दिए।

जब युवक ने अपनी जमा रकम और मुनाफा वापस मांगा तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उल्टे उससे और रकम की मांग करने लगे। ठगी का एहसास होने पर युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, हालांकि समय रहते उसकी जान बचा ली गई।

साइबर क्राइम थाना देहरादून के एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। युवक ने जिस मोबाइल फोन से लेनदेन किया था, उसे भी वह बाद में बेच चुका है।

एसएससी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक पीड़ित परिवार किसान है। युवक बीसीए का छात्र है और उसके पिता को दून–दिल्ली एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले मुआवजे के रूप में बड़ी रकम मिली थी, जिसे युवक ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसकर गंवा बैठा।

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