20 करोड़ के हीरे और सोने के गहनों के साथ दबोचे गए बदमाश, नेपाल भागने की थी तैयारी
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर दबोचे गए बदमाश, तेलंगाना की करोड़ों की ज्वेलरी चोरी का खुला राज

Round The Watch Team: तेलंगाना में हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले में उत्तराखंड समेत तीन राज्यों की पुलिस ने ऐसा संयुक्त ऑपरेशन चलाया कि आरोपी सीमा पार करने से पहले ही धर लिए गए। 02 महिलाओं समेत 03 संदिग्ध उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस से उत्तराखंड में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर ही उनकी भागदौड़ खत्म हो गई। पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में सोने और हीरे के आभूषण बरामद किए हैं।
तेलंगाना से आया इनपुट, तुरंत बिछा जाल
तेलंगाना में हुई बड़ी ज्वेलरी चोरी की जांच कर रही तेलंगाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट की टीम को सूचना मिली कि संदिग्ध उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद तेलंगाना पुलिस ने रामपुर पुलिस और ऊधम सिंह नगर पुलिस से तत्काल संपर्क किया।
सूचना मिलते ही रामपुर एसपी के निर्देशन में बिलासपुर सीओ, कोतवाली पुलिस और यूपी बॉर्डर चौकी प्रभारी योगेश कुमार सक्रिय हो गए। वहीं ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति को भी अलर्ट किया गया। दोनों राज्यों की पुलिस ने सीमा क्षेत्र में घेराबंदी कर दी।
बॉर्डर पर रोकी गई रोडवेज बस
उत्तर प्रदेश डिपो की एक रोडवेज बस उत्तराखंड में प्रवेश करने ही वाली थी कि पुलिस ने उसे यूपी-उत्तराखंड सीमा पर रुकवा लिया। बस की सघन तलाशी के दौरान दो महिलाओं और एक युवक पर पुलिस का शक गहरा गया।
पूछताछ और तलाशी में उनके पास से बड़ी मात्रा में सोने और हीरे के आभूषण बरामद हुए। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
8 किलो सोना और हीरे के गहने बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से करीब 8 किलो सोना, हीरे की अंगूठियां और अन्य कीमती आभूषण बरामद हुए हैं। बरामद ज्वेलरी की कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
हालांकि, मामले में एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है। जहां यूपी पुलिस बरामद माल की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बता रही है, वहीं तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार चोरी की घटना करीब 5 करोड़ रुपये की बताई गई थी। ऐसे में जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद माल का पूरा संबंध इसी चोरी से है या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
नेपाल भागने की थी आशंका
प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपी उत्तराखंड पहुंचने के बाद टनकपुर मार्ग से नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। आशंका है कि सीमा पार कर वे चोरी की ज्वेलरी को ठिकाने लगाने या कानून की पकड़ से बचने की कोशिश करते।
वैसे पुलिस ने अभी तक नेपाल भागने की साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूछताछ के दौरान आरोपियों के संपर्कों, यात्रा मार्ग और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इस पूरे मामले में कोई स्थानीय या अंतरराज्यीय गिरोह तो शामिल नहीं है।
एसएसपी अजय गणपति ने क्या कहा?
ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया गया और सीमा क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया।
उन्होंने बताया कि रोडवेज बस की तलाशी के दौरान दो महिलाओं समेत तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद ज्वेलरी की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अंतरराज्यीय समन्वय से मिली बड़ी सफलता
इस कार्रवाई को तीन राज्यों की पुलिस के बेहतरीन समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है। तेलंगाना से मिले इनपुट, यूपी पुलिस की त्वरित घेराबंदी और उत्तराखंड पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी सीमा पार कर भागने से पहले ही पकड़ लिए गए। अब जांच एजेंसियां इस बात की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि चोरी की ज्वेलरी का नेटवर्क आखिर कितनी दूर तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।



