यूपी पुलिस ने देहरादून की 02 महिलाओं समेत 03 को गिरफ्तार किया, दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भड़काऊ नारे लिखे
आरोपी बोलीं, “सनातन के लिए 10 बार भी जेल जाने को तैयार”, कोई पछतावा नहीं
Rajkumar Dhiman, Dehradun: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर ‘यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है’ लिखने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून की दो महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद भी आरोपियों के तेवर नरम नहीं पड़े। पुलिस की गाड़ी में बैठी एक महिला ने मीडिया से कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और सनातन के लिए वे एक बार नहीं बल्कि दस बार भी जेल जाने को तैयार हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
पूरा मामला 25 फरवरी का है। देहरादून–सहारनपुर बॉर्डर के पास मोहंड स्थित एलिवेटेड रोड पर दो महिलाएं स्प्रे पेंट से सड़क किनारे ‘मुसलमानों के लिए यह सड़क नहीं है’ और अंग्रेजी में “This road is not allowed for Muslims” लिखती दिखाई दी थीं। लगभग एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक पूरी घटना का वीडियो बनाता नजर आया। वीडियो में दोनों महिलाएं भगवा गमछा डाले रेलिंग और सीमेंटेड ब्लॉकों पर नारे लिखती दिखीं और बाद में ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
NHAI कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के कर्मचारी सुनील कुमार ने बिहारीगढ़ थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि हाईवे की रेलिंग और किनारे बने ढांचे पर आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्द लिखे गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और उपनिरीक्षक मोहित कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया। जांच के दौरान वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने देहरादून निवासी सुलेखा, शारदा और जितेंद्र राघव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हिंदू रक्षा दल ने ली थी जिम्मेदारी
घटना के सामने आने के बाद हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए इसकी जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने कहा था कि यह काम संगठन की महिला कार्यकर्ताओं ने उनकी जानकारी और संरक्षण में किया है। गिरफ्तारी के बाद भी ललित शर्मा अपने बयान पर कायम दिखे। उन्होंने कहा कि वे आरोपियों के “गार्जियन” हैं और उनकी जमानत कराने की कोशिश की जाएगी।
आरोपी बोलीं, “हमें पछतावा नहीं”
गिरफ्तारी से पहले महिलाओं ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने गुस्से में यह कदम उठाया और उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कोई गलत काम किया है। उनका कहना था कि अगर जरूरत पड़ी तो वे आगे भी इस तरह के संदेश लिख सकती हैं। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक आधार पर भड़काऊ संदेश लिखने के मामले में तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



