Uttarakhandतीर्थाटन

केदारनाथ मार्ग पर अस्थाई दुकान संचालक परिवार सहित आंदोलन को विवश, प्रशासन की लॉटरी पर अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन, 17 मार्च सुबह 10 बजे तक विज्ञप्ति निरस्त करने की चेतावनी

Srimohan Naithani, Rudraprayag: केदारनाथ पैदल मार्ग पर अस्थाई दुकानों के संचालक और टेंट संचालक गुस्से में हैं। गुस्से की वजह है मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग की वह विज्ञप्ति, जिसमें पैदल मार्ग पर 800 कैंटीन/कच्ची दुकानों और 1200 टेंटों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से कराने का जिक्र किया गया है। जबकि पूर्व से पैदल मार्ग पर अस्थाई दुकानों और टेंटों का संचालन करते आ रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन उनके पेट पर लात मारने पर तुला है और यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सौरभ भट्ट ने चेतावनी दी है कि यदि सुबह 10 बजे तक विज्ञप्ति को निरस्त नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन केदारघाटी में छेड़ा जाएगा।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की विज्ञप्ति को लेकर अस्थाई दुकान संचालकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भी भेजा है। जिसमें कहा गया है कि सालों पहले प्रशासन ने पैदल मार्ग पर अस्थाई दुकानों और टेंट संचालन के लिए उन्हें स्थान आवंटित किए थे।

अब अचानक उनसे वह जगह छीनने का कुचक्र रचा गया है। लॉटरी के नाम पर हजारों परिवारों के पेट पर प्रशासन ने लात मारने की तैयारी कर दी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय निवासी और पूर्व छात्रसंघ नेता सौरभ भट्ट ने कहा कि यदि प्रशासन ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो सभी लोग पत्नी और बच्चों संग आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे। इसके साथ ही आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी। ज्ञापन में चेताया गया है कि यदि लॉटरी की विज्ञप्ति को 17 मार्च सुबह 10 बजे तक निरस्त नहीं किया गया तो वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन की प्रति केदरनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल के साथ ही मंडलायुक्त गढ़वाल और जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को भी भेजी गई है।

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