
Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने बड़ा और तेज़ एक्शन लेते हुए शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा अधिकारी
सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने 1 अप्रैल 2026 को जाल बिछाकर आरोपी धनवीर सिंह बिष्ट को गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में उप शिक्षा अधिकारी और प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला (जनपद देहरादून) के पद पर तैनात था।
बताया जा रहा है कि आरोपी शिकायतकर्ता से ₹1,00,000 की रिश्वत मांग रहा था। यह रकम ऋषिकेश स्थित गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ रहे छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति के बिल पास कराने के बदले मांगी गई थी।
महिला सहयोगी भी गिरफ्त में
इस मामले में केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि उसकी सहयोगी के रूप में एक महिला भी सतर्कता टीम के हत्थे चढ़ी। गिरफ्तार महिला की पहचान पुष्पांजलि, निवासी डालनवाला देहरादून के रूप में हुई है, जो वर्तमान में ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल से जुड़ी हुई बताई जा रही है।
ट्रैप टीम ने बिछाया जाल, मौके पर दबोचा
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने पूरी योजना के साथ ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा
इस पूरे मामले में थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मु0अ0सं0 7/2026 के तहत धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब मामला शिक्षा का अधिकार (RTE) जैसे संवेदनशील कानून से जुड़ा हो, जो गरीब बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
आगे की जांच जारी
सतर्कता विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। देहरादून में इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों पर अब सीधी और सख्त कार्रवाई होगी। फिर चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।



