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देहरादून में बिल्डर को जिला बदर करने की तैयारी, डीएम ने गुंडा एक्ट में जारी किया नोटिस
देहरादून की पॉश कॉलोनी में ‘दबंग बिल्डर’ पुनीत अग्रवाल की गुंडा प्रवृत्ति पर लगाम कसने की तैयारी

Rajkumar Dhiman, Dehradun: शहर की चर्चित और पॉश मानी जाने वाली एटीएस हेवेनली फूटहिल्स कॉलोनी में लंबे समय से भय का माहौल बनाने के आरोपों में घिरे बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर अब जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। लगातार सामने आ रही मारपीट, अभद्रता और आपराधिक प्रवृत्ति की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बिल्डर को नोटिस जारी कर 5 मई को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ या वे पेश नहीं हुए, तो उन्हें जिला बदर करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।कॉलोनी में ‘खौफ’ का पर्याय बना बिल्डर, पत्नी पर भी आरोप
एटीएस कॉलोनी के निवासियों के मुताबिक, वर्ष 2021 से ही पुनीत अग्रवाल का व्यवहार लगातार आक्रामक और दबंगई भरा रहा है। समय-समय पर हुई घटनाओं और विवादों के चलते उनके खिलाफ अब तक पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कुछ घटनाओं में बिल्डर अग्रवाल के साथ उनकी पत्नी पर भी अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। बकायदे विभिन्न एफआईआर की विषय-वस्तु में उनके नाम का उल्लेख किया गया है।
बिल्डर की गुंडागर्दी का हालिया मामला उस वक्त सामने आया, जब उन्होंने डीआरडीओ से जुड़े एक वैज्ञानिक के साथ मारपीट कर दी। आरोप है कि पहले वैज्ञानिक के माता-पिता के साथ अभद्रता की गई और बाद में विरोध करने पर वैज्ञानिक को अपने परिसर में बुलाकर सहयोगियों के साथ हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुराने मामलों की लंबी फेहरिस्त
बिल्डर के खिलाफ सामने आए मामलों का रिकॉर्ड भी गंभीर है। वर्ष 2025 में कॉलोनी के अध्यक्ष के साथ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगा। इसी साल एक सरकारी अधिकारी के साथ भी हाथापाई का मामला दर्ज हुआ। बच्चों द्वारा पटाखे जलाने जैसी मामूली बात पर पिस्टल तानने की घटना ने भी लोगों को दहशत में डाल दिया था।
इससे पहले 2021 में एक महिला निवासी के साथ गाली-गलौज का मामला सामने आया था, जिसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंची, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सख्ती नहीं होने से ही आरोपी के हौसले बढ़ते गए।
अवैध निर्माण और जमीन कब्जाने के आरोप
मारपीट और अभद्रता के मामलों के अलावा, बिल्डर पर अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जा करने जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। विभिन्न स्तरों पर हुई जांचों में इन आरोपों की पुष्टि होने की बात भी सामने आई है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
प्रशासन पहले ही उनके खिलाफ कुछ सख्त कदम उठा चुका है। उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है और एटीएस सोसाइटी की आमसभा में उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।
अब जिला बदर की तैयारी
ताजा कार्रवाई को देखते हुए माना जा रहा है कि यदि आरोपों की पुष्टि और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन उन्हें जिला बदर कर सकता है। इससे कॉलोनी के निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से भय के साए में जीने को मजबूर थे।



