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वीडियो: आईजी की डिनर पार्टी का किस दरोगा ने बिगाड़ा जायका, क्या सोची-समझी साजिश थी?

एसपी सिटी को बनाया गया मोहरा, मीडिया में बढ़ा-चढ़ाकर भेजी गई जानकारी, एसपी सिटी ने कर दिया साफ

Rajkumar Dhiman, Dehradun: राजधानी दून में यूं तो राजपुर रोड पर एक से बढ़कर एक बार रेस्तरां और नाइट क्लब से लेकर रिसॉर्ट हैं। लेकिन, लंबे समय से देखने में आ रहा है कि कुछ अधिकारी रोमियो लेन के पीछे ही हाथ धोकर पड़े हैं। खैर, नियमों का उल्लंघन सच में है तो कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन, इस समय सवाल रोमियो लेन को लपेटने की जल्दबाजी में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप तक के फैमिली डिनर का मजा किरकिरा करने का है। उनकी खता यह थी कि वह रोमियो लेन में परिवार संग डिनर करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस डिनर को एक थानेदार/निरीक्षक ने अपराध की तरह मीडिया में परोस दिया। संभवतः वह इस बात से नाराज थे कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध कभी आईजी ने नियम संगत रूप से पहाड़ चढ़ाने की कोशिश की थी। जो कि देहरादून का स्वाद चख चुके पुलिस कार्मिक को नापसंद था।

घटनाक्रम शनिवार देर रात करीब 12 बजे या इससे 10-15 मिनट आगे का है। शनिवार और रविवार को देहरादून में बार संचालन रात 12 बजे तक किया जा सकता है। अभी आईजी परिवार संग अपना डिनर खत्म करने वाले ही थे कि क्लब कर्मियों ने एकदम से लाइटें बंद कर दीं। आईजी को यह न सिर्फ अटपटा लगा, बल्कि अपना अपमान भी नजर आया।

उन्होंने नाराज होते हुए इसका कारण पूछा। उन्हें बताया गया कि क्लब के बाहर भारी फोर्स जमा है। यह सुनकर राजीव स्वरूप खुद नीचे आए और चार-पांच थानों के थानेदारों को मय फोर्स देखकर सवाल किया। उन्होंने प्रेमनगर थानाध्यक्ष नरेश राठौर से पूछा कि आप अपना इतना संवेदनशील क्षेत्र छोड़कर दूसरे इलाके में क्या कर रहे हैं?

इन्हीं सवाल जवाब के सूक्ष्म दौर के बाद आईजी परिवार संग चले गए। तभी वहां एसपी सिटी प्रमोद कुमार भी आ गए। वह कुठालगेट क्षेत्र में चेकिंग के बाद लौट रहे थे। यह जानकारी डिनर विवाद गहराने के बाद खुद एसपी सिटी ने वीडियो बयान में दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका आईजी से कोई सामना नहीं हुआ। न ही पुलिस कप्तान एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल क्लब में आए थे।

खैर, यह बात तो वहीं समाप्त हो गई थी, लेकिन जो मीडिया को बताया गया, उसके अनुसार पुलिस की रेड के आड़े आईजी आ गए थे। सूत्रों के अनुसार डिनर को डॉन के रूप में बयां करने का काम एक थानेदार/निरीक्षक ने किया है।

इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने आईजी और एसएसपी से आख्या मांगी है। यह आख्या भी भेज दी जाएगी, लेकिन क्या उस थानेदार का पता लगाया जाएगा, जिन्होंने यह विवाद पैदा कर दिया था। जिसके चलते एक पल को तो लगा था कि जिले और रेंज में तकरार की कोई लकीर खिंच गई है।

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