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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर ‘सेल्फी का जुनून’ पड़ा भारी, बर्फ पर फिसलकर घायल हुआ यात्री, SDRF ने बचाई जान
श्रद्धालुओं पर पर भारी पड़ रहा बर्फ में खेलने का शौक, पर्यटन की तरह कर रहे धार्मिक यात्रा

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में चल रही पवित्र केदारनाथ यात्रा के दौरान एक बार फिर लापरवाही जानलेवा साबित होते-होते बची। छोटी लिनचोली के पास बर्फीले ढलान पर सेल्फी लेने की कोशिश एक यात्री के लिए हादसे में बदल गई। धार्मिक यात्रा के दौरान इस तरह की मटरगश्ती वाली हरकतों को लेकर पूर्व में भी कई चेतावनी जारी की जाती रही हैं, लेकिन तीर्थयात्री सुनने को तैयार नहीं होते हैं। आज का हादसा इसी अनदेखी का नतीजा है।
घटना कैसे हुई?
रविवार की शाम करीब 6:50 बजे पुलिस चौकी लिनचोली से SDRF को सूचना मिली कि छोटी लिनचोली क्षेत्र में कुछ यात्री फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मुख्य आरक्षी मोहन सिंह के नेतृत्व में तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर पहुंचने पर जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी 42 वर्षीय अनूप रैकवार बर्फ से ढके एक खतरनाक किनारे पर सिर्फ एक सेल्फी के लिए ऊपर चढ़ गए थे। लेकिन संतुलन बिगड़ते ही उनका पैर फिसला और वह नीचे गिरकर घायल हो गए।
SDRF का तेज रेस्क्यू ऑपरेशन
बाकी यात्री किसी तरह नीचे उतर आए, लेकिन घायल अनूप रैकवार को वहीं छोड़ना संभव नहीं था। SDRF टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के जरिए कठिन रास्ते से सुरक्षित नीचे लाकर छोटी लिनचोली अस्पताल में भर्ती कराया। टीम की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
‘सेल्फी का खतरा’, यात्रा में बन रहा बड़ा जोखिम
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। बर्फ, ऊंचाई और फिसलन वाले रास्तों पर जरा सी लापरवाही सीधे हादसे में बदल सकती है।



